हैदराबाद केस : जहां हैवानियत…वहीं आरोपियों का ‘The End’, पढ़ें 10 दिन में कब, क्‍या हुआ

दिशा के साथ हैवानियत को अंजाम देने वाले चारों आरोपियों को पुलिस एनकाउंटर में मौत के घाट उतार चुकी है. इसके बाद से देश में खुशी की लहर दौड़ गई है. लोगों का कहना है कि ऐसी दरिंदगी को अंजाम देने वाले आरोपियों के साथ ऐसा ही सलूक होना चाहिए.

हैदराबाद में वेटरनरी डॉक्टर दिशा (बदला हुआ नाम) के साथ हैवानियत को अंजाम देने वाले चारों आरोपियों को पुलिस एनकाउंटर में मौत के घाट उतार चुकी है. इन दरिंदों को उसी जगह मौत के घाट उतारा गया, जहां उन्होंने दिशा के साथ दरिंदगी को अंजाम दिया था.

इसके बाद से देश में खुशी की लहर दौड़ गई है. लोगों का कहना है कि ऐसी दरिंदगी को अंजाम देने वाले आरोपियों के साथ ऐसा ही सलूक होना चाहिए. चलिए जानते हैं कि दिशा के लापता होने से लेकर एनकाउंटर तक पिछले 10 दिन में कब, क्या हुआ?

27 अक्टूबर की रात हुई लापता

दिशा, 27 नवंबर को अपने घर से रोजाना की तरह अपनी ड्यूटी के लिए निकली थी. रात को जब वह वापस घर आ रही थी, तो उसके साथ ऐसी भयानक घटना हुई, जिसने देश को झकझोर कर रख दिया.

महिला डॉक्टर कोल्लुरु स्थित पशु चिकित्सालय में काम करती थीं. बुधवार को उन्होंने टोल प्लाजा के नजदीक अपनी स्कूटी पार्क की और कैब से काम पर पहुंची. रात में जब वह लौटी तो उन्होंने पाया कि उनकी स्कूटी पंक्चर है.

बहन से की आखिरी बार फोन पर बात

महिला डॉक्टर ने अपनी बहन को स्थिति के बारे में बताया और यह भी जाहिर किया कि उन्हें डर लग रहा है क्योंकि आसपास सिर्फ लोडिंग ट्रक और अनजान लोग हैं. बहन ने उन्हें टोल प्लाजा जाने या फिर स्कूटी छोड़ कैब से आने को कहा.

महिला डॉक्टर ने अपनी बहन को बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें मदद ऑफर की है और उन्होंने थोड़ी देर से कॉल बैक करने की बात कही. लेकिन बाद में जब परिवारजनों ने फोन लगाया तो फोन स्विच ऑफ आने लगा.

28 अक्टूबर को मिला जला हुआ शव

घर वाले पुलिस के पास गए लेकिन तुरंत उन्होंने तुरंत कार्रवाई नहीं की. अगले दिन यानि 28 अक्टूबर को पीड़िता का जला हुआ शव एनएच-44 के पास फ्लाईओवर के ब्रिज के नीचे मिला.

वह शव, दिशा के साथ हुई दरिंदगी को चीख-चीख कर बयां कर रहा था. पहले तो पुलिस रेप का केवल अंदेशा जताती रही, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद इसकी भी पुष्टि हो गई.

30 नवंबर, 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड

दिशा का शव मिलने के बाद से देश में हड़कंप मच गया. लोग दिशा के हत्यारों की जल्द से जल्द सजा देने की मांग करने लगे. अपनी इन मांगों को लेकर लोग सड़कों पर उतर आए. सबसे पहले तो पुलिस प्रशासन ने उन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया, जिन्होंने इस मामले में लापरवाही बरती.

48 घंटे में आरोपी गिरफ्तार

इसके बाद 48 घंटे के भीतर ही पुलिस ने दिशा के साथ हैवानियत को अंजाम देने वाले चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इन आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने एक टायर मैकेनिक, कई प्यूल स्टेशन और अन्य जगहों पर लगे कैमरों की फुटेज से मदद ली थी.

इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस ने कई कड़ियों को भी जोड़ा. इस जघन्य अपराध के आरोपी मोहम्मद आरिफ, शिवा, नवीन और सी चेन्नकेशवुलु से जब पूछताछ की तो उन्होंने अपनी दरिंदगी की ऐसी कहानी बयां की, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया.

आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पीड़िता के साथ इस घटना को अंजाम सोची-समझी साजिश के तहत दिया था. उन्होंने दिशा की मदद करने के बहाने उसे किडनैप किया और फिर उसके साथ गैंगरेप किया.

जबरन पिलाई शराब, मरने के बाद भी करते रहे रेप

इस वहशी हरकत को अंजाम देने के दौरान आरोपी मोहम्मद पाशा ने पीड़िता का जोर से मुंह दबा रखा था, जबकि अन्य उसके साथ गैंगेरप जैसी जघन्य वारादात को अंजाम दे रहे थे. हैवानियत को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने दिशा को जबरन शराब पिलाई थी. वह गिड़गिड़ाती रही, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी.

आरोपी पाशा ने दिशा का मुंह इतनी जोर से दबाया था कि दम घुटने से उसकी तभी मौत हो गई. पर फिर भी ये जल्लाद अपनी वहशी हरकत से बाज नहीं आए. दिशा के मर जाने के बाद भी आरोपी उसके साथ रेप करते रहे.

जब आरोपियों ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दे दिया, तब वे दिशा के शव को ट्रक में डालकर शादनगर फ्लाईओवर के पास ले गए, जहां उन्होंने उसे जला डाला.

4 दिसंबर, कोर्ट ने दी  7 दिन की पुलिस कस्टडी

शादनगर कोर्ट ने पुलिस को बुधवार को ही आरोपियों की 7 दिन की कस्टडी को मंजूरी दी थी. इससे पहले की ये पुलिस कस्डटी खत्म हो पाती, पुलिस एनकाउंटर में चारों आरोपी ढेर हो गए.

6 दिसंबर, चारों आरोपी एनकाउंटर में ढेर

गुरुवार की रात 3:30 बजे पुलिस आरोपियों को फिर से उसी जगह लेकर गई, जहां उन्होंने दिशा को जलाया था. जब पुलिस क्राइम सीन को रिक्रिएट कर रही थी, तो आरोपियों ने पुलिस पर हमला किया और घटनास्थल से भागने की कोशिश की.

डीसीपी का कहना है कि सेल्फ डिफेंस में पुलिस को गोली चलानी पड़ी, जिसमें चारों आरोपी मारे गए.

 

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