हैदराबाद गैंगरेप: पूछताछ में मुख्य आरोपी ने किया खुलासा, जब महिला डॉक्टर को जलाया तब वह जिंदा थी

पूछताछ में आरोपियों ने कहा कि वे ज्यादा क्राइम स्टोरीज देखते थे, जिससे उनके दिमाग में बड़े-बड़े क्राइम करने का बीज उपजा था.

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में महिला वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप के बाद हत्या और शव जला दिए जाने के मामले में कोर्ट ने सभी आरोपियों को सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है. तेलंगाना की विशेष पुलिस टीम ने हत्यारों को कस्टडी में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. साथ ही आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर सीन को रीक्रिएट भी किया गया है.

सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने बुधवार मध्यरात्रि को ही आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर (जहां पर दिशा के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद हत्या की गई) सीन को रीक्रिएट किया गया.

इस दौरान पुलिस को कई अहम सबूत हाथ लगे हैं. सूत्रों से मिली खबर के अनुसार, पुलिस को दिशा की फोन भी मिल गया है, जिससे कई राज खुल सकते हैं. अभी भी पुलिस के पास छह दिन बचे हैं.

पूछताछ में आरोपियों ने कहा कि वे ज्यादा क्राइम स्टोरीज देखते हैं, जिससे उनके दिमाग में बड़े-बड़े क्राइम करने का बीज उपजा था. इसकी वजह से उनको पता चला कि कैसे क्राइम करके बच निकलना है.

टोली वेलेगू की खबर के मुताबिक, मुख्य आरोपी मोहम्मद पाशा ने बताया कि गैंगरेप के बाद महिला भाग ना जाए, इसलिए उन लोगों ने उसके हाथ-पैर बांध दिए थे.

पाशा के मुताबिक, उन चारों ने रेप के बाद भी पीड़िता को जबरन शराब पिलाई. जब वह बेहोश हो गई, तब उसे लॉरी में डालकर पुल के नीचे ले गए. इसके बाद पुल के नीचे ही पेट्रोल से पीड़िता को जला दिया.

आरोपी का कहना था कि उन्हें लगा था कि महिला मर चुकी है, लेकिन जब उन्होंने आग लगाई, तो वह चिल्लाने लगी. आरोपी पाशा ने बताया कि वे लोग काफी देर तक महिला को जलता देखते रहे. उन्हें लगा कि पुलिस की पकड़ में आ जाएंगे, इसलिए पीड़िता को मार दिया.

गौरतलब है कि इस मामले की त्वरित सुनवाई के लिए राज्य सरकार ने बुधवार को विशेष अदालत गठित करने का आदेश दिया. सरकार ने सुझाया कि महबूबनगर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत को विशेष अदालत में बदलकर मामले की त्वरित सुनवाई की जाए.

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