हैदराबाद केस: ढहा दी गई वो दीवार, जिसके पीछे हुआ था दिशा का गैंगरेप

अगर दीवार नहीं होती तो शायद महिला डॉक्टर बच जाती. दीवार न होने पर इलाके पर वहां से गुजरने वाले लोगों की नजर पड़ती और हो सकता है कोई दिशा को बचाने पहुंचता.

तेलंगाना की राजधानी में एक वेटरनरी डॉक्टर युवती के साथ गैंगरेप और हत्या की वारदात के 10 दिन बाद पुलिस ने शुक्रवार को रंगारेड्डी जिले में शादनगर के पास मुठभेड़ में चारों आरोपियों को मार गिराया. जिसके बाद टोंडूपल्ली गांव के स्थानीय निवासियों ने हाइवे के पास मौजूद उस दीवार को ढहा दिया जिसके पीछे आरोपियों ने वेटरनरी डॉक्टर दिशा के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया.

एक स्थानीय व्यापारी के मुताबिक ये गैंगरेप के खिलाफ गुस्साए लोगों का आक्रोश था जो आउटर रिंग रोड पर टोल बूथ के पास मौजूद दीवार पर उतारा गया. करीब 50 लोगों की भीड़ ने दीवार विध्वंस कर डाला. दीवार गैंगरेप की वारदात के 3-4 दिन बाद ढहाई गई.

प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि अगर दीवार नहीं होती तो शायद महिला डॉक्टर बच जाती. दीवार न होने पर इलाके पर वहां से गुजरने वाले लोगों की नजर पड़ती और हो सकता है उसे कोई बचाने पहुंचता. अच्छा हुआ कि दीवार ढह गई.

घटना हैदराबाद से 50 किलोमीटर दूर शादनगर शहर के चाटनपेल्ली में सुबह छह बजे हुई. आरोपियों को उसी स्थान पर ढेर कर दिया गया, जहां उन लोगों ने 27 नवंबर की रात हैदराबाद के बाहरी इलाके में शमशाबाद टोल प्लाजा के पास डॉक्टर युवती को गैंगरेप का शिकार बनाने के बाद हत्या कर शव को पेट्रोल छिड़ककर जलाने का प्रयास किया था.

घटना के ठीक 10 दिन बाद पुलिस ने पुलिस ने एनकाउंटर में चारों आरोपियों को मार गिराया गया.

साइबराबाद पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार ने पत्रकारों से कहा कि 10 सदस्यीय पुलिस टीम द्वारा आरोपियों को सुबह 5.45 बजे मौके पर ले जाया गया था. पुलिस टीम इन आरोपियों को यहां पीड़िता के शव को जलाने के बाद उनके द्वारा छिपाए गए मोबाइल और अन्य सामग्रियों को खोजने आई थी.

मुठभेड़ में मारे गए चार अभियुक्तों की पहचान लॉरी चालक मोहम्मद आरिफ (26) और चिंताकुंटा चेन्नाकेशवुलु (20) और लॉरी क्लीनर जोलू शिवा (20) और जोलू नवीन (20) के रूप में हुई है. सभी तेलंगाना के नारायणपेट जिले के रहने वाले थे.