मैं भी पिछड़ा हूं, मैंने भी चाय और अखबार बेचा है: केशव प्रसाद मौर्य

उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश में घूम रहा हूं. दावे के साथ कह सकता हूं की 2014 में मोदी की लहर थी और अब सुनामी है. इसबार बीजेपी मैनपुरी कन्नौज, फ़िरोज़ाबाद, आज़मगढ़ , बदायूं और रायबरेली अमेठी भी जीत रही है.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इमोशनल कार्ड खेला है. मौर्य ने एक चुनावी सभा में कहा कि ‘मैं बहुत गरीब और पिछड़े परिवार से रहा हूं. मैंने चाय की दुकान भी की है और पेपर भी बांटा है.’ मौर्य ने कहा कि मेरे जैसे पिछड़ों को बीजेपी ने सम्मान दिया, मुझे पहले एमएलए और प्रदेश अध्यक्ष और सांसद बनने का मौका मिला और फिर डिप्टी सीएम बना.

उन्होंने आगे कहा, ‘मेरे तबके को कोई शिकायत नहीं है कि मैं सीएम नहीं बना, बस गुमान है. लेकिन मैं परिवार और रिश्तेदारों को ज्यादा वक्त नहीं दे पाता हूं. उनका काम भी नहीं कर पाता क्योंकि हमारी जिम्मेदारी पूरे प्रदेश की है.’

केशव प्रसाद मौर्य ने 2019 लोकसभा चुनावों को लेकर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश में घूम रहा हूं. दावे के साथ कह सकता हूं की 2014 में मोदी की लहर थी और अब सुनामी है. यूपी में हम 73 से ज्यादा सीटें जीत रहे हैं. यहां तक की मैनपुरी कन्नौज, फ़िरोज़ाबाद, आज़मगढ़ , बदायूं और रायबरेली अमेठी भी जीत रहे हैं.

मौर्य ने हाल ही में विवादित बयान देने वाले नेताओं पर चुनाव आयोग की कार्रवाई का भी जिक्र किया. उन्होंने योगी आदित्यनाथ के विवादित बयान पर सफाई पेश करते हुए कहा, ‘योगी जी कोई ग़लत बात नहीं बोलते, मायावती के मुस्लिम बयान पर योगी जी का स्पष्टीकरण था.’

इसी के साथ उन्होंने आजम खान के विवादित बयान पर भी अपने विचार रखे. उन्होंने कहा, ‘आज़म खान ने जयाप्रदा के लिए जिस तरह की भाषा बोली उसके लिए उनके चुनाव लड़ने पर बैन लगना चाहिए. 23 मई का मतलब कांग्रेस, सपा और बसपा गई. इनके जातीय समीकरण पर मोदी समीकरण हावी है.’