स्वयंभू कल्कि महाराज के 40 आश्रमों पर IT की छापेमारी, 500 करोड़ की संपत्ति जब्त

नोट के ऊपर नोट, बंडल के ऊपर बंडल. जैसे कि नोटों की बहुंमंजिली इमारत बनी हो. टेबल का कोई कोना खाली नहीं था. कल्कि भगवान के खजाने में पूरे 500 करोड़ मिले हैं.
kalki maharaj alias vijay kumar, स्वयंभू कल्कि महाराज के 40 आश्रमों पर IT की छापेमारी, 500 करोड़ की संपत्ति जब्त

कल्कि महाराज उर्फ विजय कुमार ने पहली बार वीडियो जारी कर अंग्रेजी में बयान दिया है कि मैं देश छोड़कर कहीं नहीं भाग रहा हूं. कल्कि महाराज के ठिकानों पर 300 आयकर विभाग के 300 अधिकारी छापेमारी कर रहे हैं.

500 करोड़ रुपए का मालिक कल्कि महाराज उर्फ विजय कुमार के 40 ठिकानों और आश्रम के ऊपर छापेमारी में 44 करोड़ों रुपए स् ज्यादा बरामद हुए हैं. आश्रम से 18 करोड़ रुपये के बराबर 25 लाख अमेरिकी डॉलर, 90 किलो सोना और विदेश में निवेश का भी पता चला है.

कल्कि महाराज का काला साम्राज्य आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु से लेकर विदेशों तक फैला है. खुद को भगवान विष्णु का 10वां अवतार बताने वाले कल्कि महाराज उर्फ विजय कुमार ने 1980 में लोगों को वैकल्पिक शिक्षा मुहैया कराने के लिए जीवाश्रम नाम की संस्था बनाई. तो कल्कि महाराज के इस खजाने में हीरे हैं, सोना हैं, रुपए हैं, डॉलर हैं और आपको यकीन नहीं होगा. ये खजाना हिन्दुस्तान में मिला है.

एक साथ एक जगह इतने नोट आपने कभी देखे नहीं होंगे. जिसने देखा वो बस देखता ही रह गया.

नोट के ऊपर नोट, बंडल के ऊपर बंडल. जैसे कि नोटों की बहुंमंजिली इमारत बनी हो. टेबल का कोई कोना खाली नहीं था. कल्कि भगवान के खजाने में पूरे 500 करोड़ मिले हैं.

पूरे देश में कल्कि भगवान के 40 अड्डों की पड़ताल पूरी हुई है. पड़ताल में 90 किलो सोना मिला है जिसकी क़ीमत 105 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

कौन है कल्कि अवतार

आप सोच रहे होंगे अरबों का ये खजाना भला किसी भगवान का कैसे हो सकता है. भगवान के खजाने में डॉलर, यूरो और रुपए कैसे आ सकते हैं. आपके जहन में ये सावल भी होगा कि आखिर भगवान के इस खजाने को ढूंढ़ा किसने. तो चलिए अब आपके इन सारे सवालों का जवाब देते हैं.

सबसे पहले आपको कल्कि अवतार की मान्यता के बारे में बतादें. द्वापर युग में श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को गीता का उपदेश देते हुए कहा था कि जब-जब धर्म की हानि होगी और अधर्म का बोलबाला होगा, तब-तब धर्म की स्थापना के लिए वे अवतार लेंगे. माना जाता है कि श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के 8वें अवतार थे. शास्त्रों में भगवान विष्णु के दस अवतारों का जिक्र मिलता है. इनमें से 9 अवतार हो चुके हैं.

कहा जाता है कलयुग में भगवान का 10वां अवतार होगा और भगवान के इस अवतार का लोग कल्कि अवतार के नाम से जानेंगे. भगवान कल्कि के हिन्दुस्तान में कई मंदिर है जहां आस्था का सैलाब जुटता है.

कौन है ये शख्स जो कल्कि अवतार होने का करता है दावा 

ये तो रही मान्यताओं की बात. अब हम आपको उस शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने खुद को ही भगवान विष्णु का कल्कि अवतार घोषित कर दिया. अपनी पत्नी को भी उसने असाधारण बना दिया. भगवान बन कर इस शख्स ने खड़ी कर दी दौलत की ऐसी इमारत जिसे देख कर आयकर विभाग के भी पसीने छूट गए.

70 साल के विजय कुमार ने खुद को भगवान विष्णु का 10वां अवतार घोषित कर रखा है. ये बाबा खुद को ‘कल्कि भगवान’ बताता है. करीब 30 साल पहले विजय कुमार भगवान बनने से पहले आम लोगों की तरह नौकरी करता था. विजय कुमार एक लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में क्लर्क था लेकिन बाद में उसने नौकरी छोड़कर बाबा का चोला पहन लिया. 1980 में पहले जीवाश्रम नाम के एक आश्रम की स्थापना की और यहीं से शुरू हुई विजय कुमार की भगवान बनने की यात्रा.

विजय कुमार ने कर्नाटक के चित्तूर में एक यूनिवर्सिटी की स्थापना की. 1990 आते-आते विजय कुमार ने अध्यात्म के रास्ते को अपना लिया. अध्यात्म के इस रास्ते में बाबा को इतना आनंद आया कि उसने खुद को खुद से ही भगवान विष्णु का दसवां अवतार कल्कि घोषित कर दिया.

अकूत दौलत खड़ा कर रहा था स्वयंभू बाबा

बाबा का मकसद भक्ति की गंगा बहाना नहीं बल्कि अकूत दौलत का अंबार खड़ा करना था. बाबा ने अपने ट्रस्टों के जरिये दर्शन और आध्यात्मिक ट्रेनिंग देने के बहाने विदेशियों से जमा कर पैसा कमाया.

अध्यात्म के जरिए कल्कि ने रियल स्टेट के क्षेत्र में भी कदम रखा. स्वघोषित बाबा का साम्राज्य भारत से लेकर विदेशों तक फैला हुआ है. बाबा के साधारण दर्शन के लिए 5 हजार और विशेष दर्शन के लिए 25 हजार रुपए की फीस देनी पड़ती है.

आयकर विभाग की छापेमारी से चर्चा में आए कल्कि भगवान के आश्रम से 500 करोड़ से अधिक संपत्ति बरामद हुई है. इस बाबा के आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु स्थित आश्रम में आयकर विभाग ने 16 अक्टूबर को छापेमारी की थी. आयकर विभाग ने ‘कल्कि भगवान’ कहने वाले धर्मगुरू विजय कुमार नायडू और उनके बेटे कृष्ण के आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु स्थित ठिकानों पर छापा मारा, तीन दिनों तक चली आयकर विभाग की छापेमारी में खुफिया जानकारी मिली थी कि, ये संस्था अपनी कमाई को छिपा रही है.

अध्यात्म, दर्शन का ट्रेनिंग प्रोग्राम और कोर्स चलाने वाले यह संस्थान देश-विदेश में भी निवेश कर चुका है. कई कंपनियां चीन, अमेरिका, सिंगापुर और यूएई में भी हैं.

फिल्मी सितारे भी चौखट पर टेकते थे माथा

खुद को भगवान विष्णु का अवतार बताने वाले इस शख्स की प्रसद्धि इतनी बढ़ गई कि फिल्मी सितारे भी इसकी चौखट पर माथा टेकने लगे. बाबा के फॉलोवर्स की तादाद बढ़ती चली गई. उसने अपने ट्रस्‍ट में अपनी पत्नी पद्मावती और बेटे एनकेवी कृष्णा को भी साझीदार बनाया.

यानी बाबा का पूरा परिवार उसके साथ पैसा कमाने के इस कारोबार में जुटा रहा. भारत में होने वाले वेलनेस कोर्सेज के लिए भी बाबा की ट्रस्ट को विदेशों से पैसे मिलते थे. सूत्रों की मानें तो आश्रम के ऊपर जमीनों को हड़पने और कर चोरी के आरोप हैं. इसके अलावा कल्कि ट्रस्ट के फंड को लेकर भी मैनेजमेंट निशाने पर है.

आयकर विभाग की मानें तो बाबा का समूह, दी जाने वाली रसीदों में हेराफेरी करता था और पैसों को रियल एस्‍टेट में लगाता था. इसने आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में जमकर जमीन खरीदी. सर्च ऑपरेशन में साफ पता चला है कि आश्रम ने लोगों से मिलने वाले डोनेशन को अपने तरीके से दबाया. आश्रम और समूह का स्‍टाफ अकाउंट बुक के अलावा कैश भी रखता था. इसके अलावा ये प्रॉपर्टी को ऊंचे दाम पर बेचकर काली कमाई कर रहे थे.

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