चीन के साथ बातचीत हो सकती है तो फिर दूसरे पड़ोसी से क्यों नहीं: फारूक अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकसभा सदस्य फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdulla) ने लोकसभा में जम्मू-कश्मीर (jammu kashmir) का मुद्दा उठाया.

  • TV9 Digital
  • Publish Date - 11:54 pm, Sat, 19 September 20
समन मिलने के बाद आज फिर ईडी कार्यालय पहुंचे फारूक अब्दुल्ला, 43 करोड़ के घोटाले का आरोप

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकसभा सदस्य फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdulla) ने लोकसभा में जम्मू-कश्मीर (jammu kashmir) का मुद्दा उठाया. वहीं उन्होंने पड़ोसी देश से बातचीत की पैरवी की. फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को केंद्रशासित प्रदेश की मौजूदा स्थिति का मुद्दा शनिवार को सदन में उठाते हुए कहा कि चीन की तरह दूसरे पड़ोसी देश से भी बातचीत होनी चाहिए.

उन्होंने सदन में शून्यकाल के दौरान कहा कि वे उन सभी लोगों का आभार प्रकट करना चाहता हैं जिन्होंने उनके हिरासत में रहने के दौरान समर्थन जताया. हिरासत से रिहा होने के बाद पहली बार लोकसभा में अपनी बात रखते हुए नेशनल कांफ्रेंस के नेता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में प्रगति होनी चाहिए थी लेकिन वहां कोई प्रगति नहीं हुई है.

हमारे बच्चों के पास 4जी इंटरनेट सुविधा नहीं

उन्होंने कहा, ‘आज हमारे बच्चों और दुकानदारों के पास 4जी इंटरनेट की सुविधा नहीं है, जबकि पूरे देश में है.’ उन्होंने जम्मू-कश्मीर में कुछ लोगों के कथित मुठभेड़ में मारे जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि सेना ने माना कि शोपियां में गलती से तीन आदमी मारे गए. अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि संबंधित परिवारों को उचित मुआवजा मिलेगा.

पाकिस्तान का नाम लिए बिना फारूक ने की बातचीत की पैरवी

उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि हम जिस तरह से चीन से बात कर रहे हैं उसी तरह पड़ोसी से बात का रास्ता निकालना पड़ेगा. अब्दुल्ला ने कहा कि अगर हिंदुस्तान तरक्की कर रहा है तो क्या जम्मू-कश्मीर को तरक्की नहीं करनी चाहिए.