फैज से नाराज IIT टीचर ने लिखा था- ‘हिंदू रेप के लिए बदनाम होते तो नहीं बचती कोई मुस्लिम औरत’

IIT कानपुर के अस्थाई शिक्षक वशी मंत शर्मा पिछले दिनों तब चर्चा में आए जब उन्होंने कैंपस में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों के समर्थन में ये प्रदर्शन हुआ और इसमें फैज अहमद फैज की नज्म 'हम देखेंगे' पढ़ी गई.
IIT K teacher Vashi mant sharma views on faiz and muslim invaders, फैज से नाराज IIT टीचर ने लिखा था- ‘हिंदू रेप के लिए बदनाम होते तो नहीं बचती कोई मुस्लिम औरत’

IIT कानपुर के अस्थाई शिक्षक वशी मंत शर्मा पिछले दिनों तब चर्चा में आए जब उन्होंने कैंपस में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों के समर्थन में ये प्रदर्शन हुआ और इसमें फैज अहमद फैज की नज्म ‘हम देखेंगे’ पढ़ी गई. वशी मंत की शिकायत के बाद ये नज्म धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली है या नहीं, इस पर 6 सदस्यीय कमेटी बनाई गई.

वशी मंत शर्मा की दो किताबें साल 2017 और 2018 में छपी थीं जिनमें लिखी हुई बातें अब सामने आ रही हैं. वशी मंत की लिखी तमाम बातों में से कुछ बातें पढ़ें, फिर बात करते हैं कि ये कौन हैं.

“पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर जेएनयू के पूर्व छात्र कन्हैया कुमार के खिलाफ हमला राष्ट्र विरोधियों को रोकेगा. अगर हिंदू बलात्कार के लिए बदनाम होते हैं तो भारत में कोई मुस्लिम महिला बच नहीं पाती. भारतीय मुस्लिमों के पूर्वज हिंदू और बौद्ध थे. शिवाजी की विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति के निर्माण की लागत उचित है क्योंकि सरकार इस्लामिक स्थलों के मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए अच्छी रकम खर्च करती है.. जैसे ताजमहल.”

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक 32 वर्षीय वशी मंत शर्मा साइंस एंड टेक्नॉलजी डिपार्टमेंट द्वारा संचालिय INSPIRE संकाय योजना के रूप में आईआईटी कानपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में कार्यरत हैं. ये पद हर साल 27-32 साल की उम्र के पोस्ट डाक्टरेट रिसर्चर्स को दिया जाता है.

शनिवार, 5 जनवरी को वशी मंत ने अखबार से कहा कि उनकी बात को कहीं भी कोट न किया जाए. शर्मा ने कहा कि उन्होंने जो भी लिखा है उसके साथ डिस्क्लेमर भी लगा है, बिना डिस्क्लेमर के तथ्यों पर जोर देना मामले को गलत दिशा में ले जाना होगा. यहां उनकी किताब A Liberal’s (F)Laws – Hypocrites that feed terrorism’ और ‘Indian Muslims – Children of India or Slaves of Arabs’के कुछ अंश दिए जा रहे हैं:

कठुआ रेप केस पर

शर्मा ने एक चैप्टर में कठुआ रेप केस पर जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा मामले की जांच पर सवाल उठाए. उन्होंने लिखा ‘और अंत में.. क्या आपने कभी ऐसी खबर सुनी है कि हिंदू ने मंदिर में बलात्कार किया? ये हमारे खून में नहीं है. अगर हमने ऐसा किया होता तो हम मुस्लिम हमलावरों पर जवाबी हमला करते.(जिस भाषा में वे हम पर हमला करते थे) उन्होंने हमारे मंदिर तोड़े और उनकी जगह मस्जिदें बनाईं. उन्होंने लाखों रेप किए. अगर हिंदू बलात्कार के लिए बदनाम होते(धर्म के नाम पर) तो कोई भी मुस्लिम आक्रमणकारी या महिला भारत में नहीं बच पाती.’

फैज अहमद फैज पर

वशी मंत शर्मा ने एक जनवरी को ब्लॉग लिखकर बताया कि वे इस बात से सहमत नहीं हैं कि फैज पाकिस्तानी शासन के खिलाफ थे और कविताएं लिखकर उसे चुनौती दी थी. शर्मा ने लिखा ‘क्रांतिकारी फैज ने सेकुलर भारत की बजाय जिन्ना के इस्लामी पाकिस्तान को चुना जिसने हिंदू, सिख और गैर मुस्लिमों को नीचा दिखाने का वादा किया था.’

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