कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा ILI और SARI के मरीजों को, नोटिफाई करने की तैयारी में सरकार

IJMR में बीते मार्च को सबसे पहले SARI और ILI मरीजों में 1.8 फीसदी कोरोना संक्रमण मिलने की पुष्टि की गई थी, लेकिन अब नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल  के अध्ययन में सामने आया है कि इन मरीजों में 39 फीसदी कोरोना संक्रमण पाया गया है.
ILI and SARI patients at highest risk of corona, कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा ILI और SARI के मरीजों को, नोटिफाई करने की तैयारी में सरकार

केंद्र सरकार के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (RML) के अध्ययन में सामने आया है कि कोरोनावायरस का सबसे ज्यादा खतरा ILI (फ्लू) और SARI (गंभीर सांस रोग) पीड़ित मरीजों को है. ऐसे में सरकार लंब समय तक कोरोना से निपटने के लिए ILI और SARI को नोटिफाई करने की तैयारी में है.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे

राज्यों को अब टीबी, मलेरिया, और डेंगू की तरह अब  फ्लू और सांस रोगियों के बारे में भी जानकारी साझा करनी होगी. इन मरीजों की निगरानी के लिए राज्यों में बकायदा अभियान चलाए जाएंगे ताकि समय रहते इनमें संक्रमण की पहचान हो सके. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) के तहत इन दिशा-निर्देशों पर काम चल रहा है.

ILI और SARI से जुडे़ मामलों की जानकारी देना अनिवार्य

IDSP के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक गंभीर सांस रोगी (SARI) और इंफ्लूएंजा (ILI) संक्रामक रोगों को नोटिफाई किया जा रहा है. इससे पहले वर्ष 2010 में पहली बार आए स्वाइन फ्लू को भी नोटिफाई किया गया था, क्योंकि यह दोनों ही रोग सीधे तौर पर कोरोनावायरस से जुड़े हैं. ऐसे में वायरस की समय पर पहचान के लिहाज से राज्यों के ध्यान में लाना जरूरी है. इसके बाद सभी राज्यों को ILI और SARI से जुड़े मामलों की अनिवार्य रूप से जानकारी देनी होगी.

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के अधीन इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च (IJMR) में बीते मार्च को सबसे पहले SARI और ILI मरीजों में 1.8 फीसदी कोरोना संक्रमण मिलने की पुष्टि की गई थी, लेकिन अब नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल  के अध्ययन में सामने आया है कि इन मरीजों में 39 फीसदी कोरोना संक्रमण पाया गया है.

Related Posts