‘होमवर्क करके आएं’, अवैध हुक्का बार पर याचिका दाखिल करने वाले को दिल्ली हाई कोर्ट की फटकार

याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में पीआईएल (PIL) दायर कर मांग की थी कि, साउथ दिल्ली म्युनिसिपल कारपोरेशन और दिल्ली पुलिस को आदेश दिया जाए कि अवैध हुक्का बार (Illegal Hukka Bar) के खिलाफ एक्शन लिया जाए. कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है, वकील ने याचिकाकर्ता का चुनाव किया है, जबकि याचिकाकर्ता वकील का चुनाव करता है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 2:28 pm, Thu, 24 September 20
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए आज केंद्र और यूपीएससी से जवाब तलब किया है.

दिल्ली (Delhi) में अवैध हुक्का बार को बंद करने के लिए दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court)  की चीफ जस्टिस डीएन पटेल की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता से कहा कि जनहित याचिका दायर करने से पहले होमवर्क (Home Work) करके आएं, हालांकि इसके बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका हाईकोर्ट से वापस ले ली.  हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान ये भी कहा कि बोगस पीआईएल (PIL) दायर करने में हर कोई चैंपियन बन गया है.

याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में याचिका दायर कर मांग की थी कि साउथ दिल्ली म्युनिसिपल कारपोरेशन और दिल्ली पुलिस को आदेश दिया जाए कि अवैध हुक्का बारों (Illegal Hukka Bar) के खिलाफ एक्शन लिया जाए. सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता खुद निचली अदालत का क्लर्क है, लिहाजा उसे बिल्डिंग रेग्युलेशन और म्यूनिसिपल लॉ के बारे में कैसे पता हो सकता है. कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है, वकील ने याचिकाकर्ता का चुनाव किया है, जबकि याचिकाकर्ता वकील का चुनाव करता है.

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2012 में दिल्ली हाईकोर्ट ने अवैध हुक्का बार बंद करने के दिए आदेश

साल 2012 में एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार, एमसीडी,एनडीएमसी और पुलिस को खाद्य पदार्थ के लिए लाइसेंस का उल्लंघन कर हुक्का बार चलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का निर्देश दिया था. कोर्ट ने उस समय संक्षिप्त फैसला देते हुए कहा था कि इस मामले में विस्तृत फैसला बाद में दिया जाएगा. हाईकोर्ट ने वर्ल्ड लंग फाउंडेशन के निदेशक डॉक्टर जीआर खत्री की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया था.

याचिकाकर्ता का कहना था कि राजधानी में बिना लाइसेंस के बड़ी तादाद में हुक्का बार चल रहे हैं, हुक्का बार में धुम्रपान के लिए कोई नियम नहीं है,सरकार इन हुक्का बार को बंद करने का निर्देश दे. उस समय कोर्ट ने फैसले में कहा था कि अगर हुक्का बार में तय नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो अभी तक संबंधित एजेंसियों ने कार्रवाई क्यों नहीं की.

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यूपी में भी हुक्का बार पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की रोक

बतादें कि हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट (High court) ने यूपी में भी हुक्का बार पर रोक लगा दी है. कोर्ट नेन मुख्य सचिव को आदेश दिया कि वह किसी भी रेस्टोरेंट और कैफे में हुक्का बार चलने की अनुमति न दी जाए, इसके साथ ही कोर्ट ने 30 सितंबर तक इस आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट भी मांगी है. इलाहाबाद  हाईकोर्ट ने कहा कि प्रेदश में तेजी से फैल रहे कोरोनावायरस संक्रमण को देखते हुए मुख्य सचिव को रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया गया है.