POK में गीदड़ भभकी देते-देते फिसल गई इमरान की जुबान, सुनते ही भड़क गई वहां की अवाम

इमरान ने कहा कि मैं आखिर में आपका शुक्रगुजार हूं और मुझे पता है कि आपमें से कुछ लोग एलओसी की तरफ जाना चाहते हैं पर, लेकिन तब तक नहीं जाना जब तक मैं ना बताऊं.

इस्लामाबाद: पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पीओके (POK) की राजधानी मुजफ्फराबाद गए. इमरान यहां भी आग उगले बिना नहीं रहे. वहां की अवाम को भाषण देते हुए इमरान अपनी नाकामी भी बता गए.

इमरान ने कहा कि मैं आखिर में आपका शुक्रगुजार हूं और मुझे पता है कि आपमें से कुछ लोग एलओसी की तरफ जाना चाहतें पर, लेकिन तब तक नहीं जाना जब तक मैं ना बताऊं. इमरान खान ने कहा कि आप लोग तब एलओसी की तरफ जाना जब मैं जाने दूं. बाकि एक बार मैं न्यूयॉर्क से हो आऊं फिर मैं आपको बताऊंगा कि क्या करना है.

इमरान ने इसके बाद जो बोला उससे तो वहां की जनता भी निराश हो गई. के तेवर नरम पड़ गए और हताशा साफ उनके चेहरे में नजर आने लगी. इमरान खान ने आगे जो कहा उससे वहां की आवाम के चेहरे उतर गए और वो समझ गए कि इमरान के बस का भी कुछ नहीं रहा. इमरान ने कहा कि उनको कश्मीर पे OIC (Organisation of Islamic Cooperation) देशों का साथ नहीं मिला.

इमरान खान ने बुधवार को ट्वीट किया था, “मैं 13 सितम्बर को मुजफ्फराबाद में बड़ा ‘जलसा’ (रैली) करने जा रहा हूं, जिससे दुनिया को IOJK (जम्मू-कश्मीर) में जारी पाबंदी को लेकर संदेश भेजा जाए, जिससे कश्मीरियों को दिखाया जा सके कि पाकिस्तान उनके साथ मजबूती से खड़ा है.”

पाकिस्तान लगातार अंतर्राष्ट्रीय समर्थन हासिल करने की कोशिश में जुटा हुआ है. पाकिस्तान ऐसा भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को रद्द कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के बाद से कर रहा है. भारत ने कहा है कि कश्मीर मुद्दा उसका आंतरिक मामला है, जबकि इमरान खान भारत पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं.

इस सप्ताह के शुरू में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारत पर कश्मीर को बड़े जेल में बदलने का आरोप लगाया और उन्होंने चेतावनी दी कि घाटी में भारत का यह कार्य युद्ध की वजह बन सकता है.

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने गुरुवार को साफ कहा कि अगर सरकार चाहे तो PoK को पाने सहित सेना किसी भी ऑपरेशन के लिए तैयार है. जनरल रावत ने कहा, “सभी कार्रवाई का फैसला केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है. सरकार के तहत काम कर रही एजेंसियों को सरकार के निर्देशानुसार काम करना होता है और सेना किसी भी प्रकार के कार्रवाई के लिए हमेशा तैयार है.”