Encounters की लिस्ट में ‘पाक-साफ’ UP पुलिस, 2017 से अब तक 74 मामलों में मिली क्लीन चिट

साल 2017 से विकास दुबे (Vikas Dubey) 119वां आरोपी था जो क्रॉस फायरिंग (Cross Firing) में मारा गया. कुल 74 एनकाउंटर मामलों में इंक्वॉयरी पूरी हो चुकी है, जिसमें से सभी में पुलिस को क्लीन चिट मिली है.
In 74 encounters UP police get clean chit, Encounters की लिस्ट में ‘पाक-साफ’ UP पुलिस, 2017 से अब तक 74 मामलों में मिली क्लीन चिट

उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर में पिछले 8 दिन से फरार विकास दुबे शुक्रवार को भागने की कोशिश में मारा गया. 2014 के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार यूपी सरकार गैंगस्टर के इस एनकाउंटर की जांच करेगी.

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61 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट ने की स्वीकार

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक साल 2017 के बाद विकास दुबे 119वां आरोपी था जो क्रॉस फायरिंग में मारा गया. कुल 74 एनकाउंटर मामलों में इंक्वॉयरी पूरी हो चुकी है, जिसमें से सभी में पुलिस को क्लीन चिट मिली है. इनमें से 61 मामलों में पुलिस द्वारा दी गई क्लोज़र रिपोर्ट को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है.

13 पुलिसकर्मियों ने एनकाउंटर्स में जान गंवाई

रिकॉर्ड्स की बात करें तो इस दौरान करीब 6145 ऑपरेशन्स को अंजाम दिया गया है, जिसमें से 119 की एनकाउंटर के दौरान मौत हुई है. वहीं इन ऑपरेशन्स में करीब 2258 आरोपी घायल हुए हैं. इन ऑपरेशन्स में 13 पुलिसकर्मियों ने अपनी जान गंवाई जिसमें पिछले हफ्ते कानपुर में शहीद हुए 8 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. इन ऑपरेशन्स में कुल 885 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. कई सवालों के बावजूद पुलिस एनकाउंटर्स लगातार जारी हैं.

पिछले साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद में 26 साल की पशु चिकित्सक से रेप के मामले के 4 आरोपियों के एनकाउंटर को लेकर पूर्व जज वीएन सिरपुरकर के नेतृत्व में एक स्वतंत्र जांच दल का गठन किया था.

सुप्रीम कोर्ट ने एनकाउंटर्स को बताया था गंभीर मुद्दा

ऐसा करके एससी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और तेलंगान उच्च न्यायालय की समक्ष मामलों की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी. इस मामले में भी तेलंगाना पुलिस ने कहा था कि आरोपियों ने पुलिस से हथियार छुड़ाकर भागने की कोशिश की जिसके बाद उन्हें गोली मारी गई. इस मामले की लगभग सात महीने के बाद भी जांच जारी है.

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस में हुई मुठभेड़ों के मामलों में भी हस्तक्षेप किया है, जनवरी 2019 में शीर्ष अदालत की तरफ से इसे गंभीर मुद्दा बताया गया था. एनएचआरसी ने उत्तर प्रदेश सरकार को मुठभेड़ के बाद होने वाली मौतों के मामलों में 2017 के बीच कम से कम तीन नोटिस जारी किए हैं. हालांकि राज्य ने अपना बचाव करने वाले नोटिसों के लिए एक सामान्य प्रतिक्रिया दर्ज की है.

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