कहानियों से झलकती है इंसान की संवेदनशीलता- ‘मन की बात’ में बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने कहा कि कहानियां परिवार में ऊर्जा का संचार करती थीं,  लेकिन आज इनकी कमी बहुत महसूस हो रही है. ऐसा लग रहा है कि बहुत से परिवारों से आज ये सब खत्म हो चुका है,

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 1:24 pm, Sun, 27 September 20
एएनआई

प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने अपने फेमस रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के दौरान आज कहानी कहने की कला यानी स्टोरी टेलिंग पर चर्चा की. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में किस्सा-गोई की समृद्ध परंपरा रही है. कहानियां (Stories) इंसान की संवेदनशीलता को बाहर लाने का काम करती हैं. रोचक कहानियों से पूरे देश और परिवार में नई ऊर्जा का संचार होता है.

प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने कहा कि कहानियां परिवार में ऊर्जा का संचार करती थीं,  लेकिन आज इनकी कमी बहुत महसूस हो रही है. ऐसा लग रहा है कि बहुत से परिवारों से ये सब खत्म हो चुका है, शायद इसी वजह से इस संकट के समय को बिताना परिवारों (Families) के लिए थोड़ा मुश्किल हो गया है. पहले हर परिवार में कोई न कोई बुजुर्ग, बड़ा व्यक्ति बच्चों को कहानियां सुनाता था और घर में नई प्रेरणा और ऊर्जा भर देता था.

ये भी पढ़ें- कृषि-किसान-गांव की मजबूती आत्मनिर्भर भारत का आधार, ‘मन की बात’ में बोले पीएम मोदी

‘कहानियों से बाहर आती है इंसान की संवेदनशीलता’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कहानियों का इतिहास मानव सभ्यता की तरह ही पुराना है. कहानियां (Stories) लोगों के रचनात्मक और संवेदनशील पक्ष को सामने लाती हैं, उसे प्रकट करती हैं. इसके साथ ही पीएम ने कहा कि कहानी की ताकत को महसूस करने के लिए उस मां को देखें, जो अपने बच्चे को सुलाने या फिर खाना खिलाने के लिए कहानी सुना रही होती है.

उन्होंने कहा कि कोरोना के इस समय में पूरी दुनिया अनेक परिवर्तनों के दौर से गुजर रही है. आज जब दो गज की दूरी एक जरूरत बन गई है, तो इसी संकट के समय ने परिवारों के सदस्यों को आपस में जोड़ने और करीब लाने का काम भी किया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें जरूर एहसास हुआ होगा कि हमारे पूर्वजों ने जो विधायें बनाई थीं, वो आज भी कितनी महत्वपूर्ण हैं. और जब यह नहीं होती हैं, तो इनकी कितनी कमी महसूस होती है. कहानी सुनाने की कला यानि स्टोरी टेलिंग भी ऐसी ही एक विधा है.

‘समझदारी की बातें समझाने में कहानियों का अहम रोल’

ये भी पढ़ें- बच्चों पर केंद्रित रहा ‘मन की बात’, पीएम मोदी बोले- लोकल खिलौने के लिए वोकल होने की जरूरत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में कहानी या किस्सा-गोई की एक समृद्ध परंपरा रही है. हमें गर्व है कि हम उस देश में रहते हैं, जहां हितोपदेश और पंचतंत्र की कहानियों की परंपरा रही है, जहां कहानियों में पशु-पक्षियों और परियों की काल्पनिक दुनिया गढ़ी गई, ताकि, विवेक और बुद्धिमत्ता की बातों को आासानी से समझाया जा सके. हमारे यहां कथा की भी परंपरा रही है, ये धार्मिक कहानियां कहने की प्राचीन पद्धति है इसमें कताकालक्षेवम भी शामिल रहा है.