आजादी के जश्न में गई 200 पक्षियों की जान, 600 के करीब घायल

13 अगस्त से लेकर अब तक(16 अगस्त) , करीब 800 पक्षी पुरानी दिल्ली के जैन पक्षी अस्पताल में पहुंचे हैं, जिन के घायल होने की वजह चाइनीज मांझा था.

सुप्रीम कोर्ट ने चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है लेकिन इसके बावजूद भी 15 अगस्त के आसपास जुलाई और अगस्त के महीने में चाइनीज मांझा पूरी दिल्ली और दिल्ली के आसपास के राज्यों में धड़ल्ले से बेचा जाता है. जिसके शिकार होते हैं वो बेजुबान पक्षी जो न तो अपना दर्द बयां कर सकते हैं. अगर यह बेजुबान बोल पाते तो इंसान से पूछते कि ‘तुम्हारी आजादी के जश्न में हम अपनी आजादी क्यों खोएं!’

देश 73 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था और लोग आजादी के जश्न में पतंगबाजी कर रहे थे. हर साल की तरह इस साल भी पतंगबाजी में इस्तेमाल होने वाला चाइनीज मांझा इन पक्षियों के लिए जानलेवा साबित हुआ. इस साल चाइनीज मांझे से कटकर करीब 200 पक्षियों की जान चली गई और करीब 600 पक्षी घायल हैं, जो शायद फिर कभी ही आसमान की बुलंदियो को छू पाएं.

13 अगस्त से लेकर अब तक(16 अगस्त) , करीब 800 पक्षी पुरानी दिल्ली के जैन पक्षी अस्पताल में पहुंचे हैं, जिन के घायल होने की वजह चाइनीज़ मांझा था. इन आंखों में से करीब 200 पक्षियों की मौत हो चुकी है. जो पक्षी घायल हैं उनमें तोता, मैना, कबूतर और बड़े पक्षी बगुले और चील भी शामिल हैं. घायल पक्षियों में ज्यादातर के पंख कुछ इस प्रकार कट चुके हैं कि वे शायद ही फिर कभी उड़ पाएं.

पुरानी दिल्ली स्थित जैन बर्ड हॉस्पिटल साल 1913 से पक्षियों का इलाज कर रहा है और यहां पर रोजाना करीब 70 से 80 पक्षी पहुंचते हैं,  जिनमें से ज्यादातर पक्षी चाइनीज मांझा के शिकार हुए होते हैं.

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