जश्न ए आजादी में डूबा पूरा देश, जानिए लाहौरी गेट से लेकर ध्वजारोहण तक ऐसे निभाई जाती हैं रस्में

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक और रक्षा सचिव संजय मित्रा लाल किले के लाहौरी गेट पर प्रधानमंत्री की अगवानी करेंगे.

नई दिल्ली: हिंदुस्तान 73वीं आजादी की सालगिरह मना रहा है. पूरे देश में जश्न का माहौल है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अभेद्य सुरक्षा के बीच स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आज को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे. ध्वजारोहण के बाद प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करेंगे.

इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक और रक्षा सचिव संजय मित्रा लाल किले के लाहौरी गेट पर प्रधानमंत्री की अगवानी करेंगे. रक्षा सचिव प्रधानमंत्री का परिचय दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल असित मिस्त्री से करवाएंगे. लेफ्टिनेंट जनरल असित मिस्त्री प्रधानमंत्री को सलामी मंच की ओर ले जाएंगे जहां अंतर सेना और पुलिस गार्ड के जवान उन्हें सलामी देंगे और प्रधानमंत्री सम्मान गारद का निरीक्षण करेंगे.

प्रधानमंत्री को सलामी देने वाले दस्ते में सेना के तीनो अंगों और दिल्ली पुलिस बल से एक-एक अधिकारी और 24-24 जवान शामिल होंगे. सलामी देने वाला दस्ता प्राचीर के नीचे की खाई के पास राष्ट्रीय ध्वज के सामने मौजूद रहेगा. वायुसेना के विंग कमांडर अनुज भारद्वाज सम्मान गारद का नेतृत्व करेंगे.

पीएम मोदी के सम्मान गारद में शामिल थलसेना के दस्ते की कमान मेजर लैशराम टोनी सिंह संभालेंगे तो नौसेना दस्ते का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर प्रशांत प्रभाकर करेंगे जबकि वायुसेना दस्ते की कमान स्कवाड्रन लीडर एस बी गौड़ा के हाथों में होगी. दिल्ली पुलिस बल के दस्ते की कमान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त बिक्रम एचएम मीणा संभालेंगे. सम्मान गारद में थल सेना का प्रतिनिधित्व गढ़वाल राइफल्स की द्वितीय बटालियन कर रही है.

सलामी गारद का निरीक्षण करने के बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर की ओर प्रस्थान करेंगे जहां रक्षा मंत्री, रक्षा राज्य मंत्री, सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, वायुसेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल बिरेन्द्र सिंह धनोआ और नौसेनाध्यक्ष एडमिरल कर्मबीर सिंह उनका अभिवादन करेंगे. जीओसी, दिल्ली एरिया, ध्वजारोहण के लिए प्रधानमंत्री को लाल किले की प्राचीर की ओर ले जाएंगे.

प्रधानमंत्री जब राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और सम्मान गारद के जवान राष्ट्रीय सलामी देंगे, तब वायु सेना बैंड के बैंडवादक राष्ट्र गान की धुन बजाएंगे. फ्लाइंग ऑफ़िसर प्रीतम सांगवान राष्ट्रीय ध्वज फहराने में प्रधानमंत्री की सहायता करेंगी.

पार्टी नेताओं का मानना है कि हाल में हुए आम चुनाव में बीजेपी को मिली उल्लेखनीय जीत और इसके बाद जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को हटाने के कदम को संसद की मंजूरी से प्रधानमंत्री के भाषण की दिशा पहले ही निर्धारित हो चुकी है. पिछले हफ्ते राष्ट्र के नाम दिए संदेश में प्रधानमंत्री ने घाटी के लोगों को विकास और शांति का वादा किया था. उन्होंने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म कर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश में बांटने के फैसले से उत्पन्न चिंताओं को दूर करने की कोशिश की.

पीएम मोदी गुरुवार को लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर भाषण देने के साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी की बराबरी कर लेंगे. वाजपेयी बीजेपी के पहले नेता थे जिन्होंने 1998 से 2003 बीच लगातार छह बार लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर भाषण दिया. हताश विपक्ष बीजेपी के प्रभुत्व को चुनौती देने में नाकाम रहा है और मोदी की 2014 के मुकाबले और अधिक बहुमत से सत्ता में वापसी हुई. कई लोगों का मानना है कि वह इस अवसर का इस्तेमाल सुधार या समाज के विभिन्न वर्गों को रियायत देने की घोषणा के लिए कर सकते हैं.

ऐसा भी विचार है कि मोदी आर्थिक मंदी को लेकर जताई जा रही चिंता पर भी बोलेंगे. वह अकसर अपनी पंसदीदा परियोजनाओं जैसे स्वच्छता, भ्रूण हत्या आदि के लिए जनसमर्थन जुटाने के लिए भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं का उल्लेख करते हैं, लेकिन इस बार वह जल संरक्षण के विषय को प्रमुखता से उठा सकते हैं जो उनके दूसरे कार्यकाल की प्राथमिकताओं वाला एक मुद्दा है. कुछ बीजेपी नेताओं ने ध्यान दिलाया कि प्रधानमंत्री के भाषणों में अकसर चौंकाने वाली घोषणाएं होती हैं और यह स्वतंत्रता दिवस भी संभवत: इससे अलग नहीं हो.