‘सती प्रथा, दहेज और भ्रूण हत्या के खात्मे के लिए कानून, तीन तलाक के लिए क्यों नहीं?’

'देश की मुस्लिम बेटियां डरी हुई थीं. भले ही वो तीन तलाक की शिकार नहीं बनी हों लेकिन उनके मन में डर रहता था.'

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को छठीं बार बतौर प्रधानमंत्री ध्वजारोहण किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से तीन तलाक को लेकर कुछ अहम बाते भी कहीं.

उन्होंने कहा कि राजनीति से परे होकर सरकार ने मुस्लिम बहनों को न्याय और सम्मान दिलाने के लिए तीन तलाक जैसी कुप्रथा को खत्म किया.

उन्होंने कहा, “सरकार ने राजनीति से परे होकर, मुस्लिम बहनों को सम्मान और न्याय दिलाने के लिए तीन तलाक जैसी कुप्रथा को खत्म किया है.”

उन्होंने तीन तलाक मुद्दे पर कहा, ”मुस्लिम महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए अहम काम किया, हमने तीन तलाक के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम उठाया.”

पीएम मोदी ने कहा, मुस्लिम महिलाओं को सरकार ने तीन तलाक से मुक्ति दिलाई जिससे उनके अधिकारों की रक्षा की जा सकें. देश की मुस्लिम बेटियां डरी हुई थीं. भले ही वो तीन तलाक की शिकार नहीं बनी हों लेकिन उनके मन में डर रहता था. तीन तलाक को कई इस्लामिक देशों ने भी खत्म कर दिया था, तो हमने क्यों नहीं किया.

उन्होंने कहा कि अगर देश में सती प्रथा, दहेज और भ्रूण हत्या के खिलाफ कानून बना सकते हैं तो तीन तलाक के खिलाफ क्यों नहीं?