भारत और चीन के बीच तीसरी सैन्य कमांडर-स्तरीय बैठक, सीमा गतिरोध कम करने पर दिया गया जोर

सूत्रों ने कहा कि भविष्य में भारत और चीन के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तरों पर और अधिक बैठकें होने की उम्मीद है, ताकि परस्पर सहमति के साथ समाधान हो सके.
Line of Actual Control, भारत और चीन के बीच तीसरी सैन्य कमांडर-स्तरीय बैठक, सीमा गतिरोध कम करने पर दिया गया जोर

पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में सीमा पर जारी तनाव के बीच भारत और चीन का प्राथमिकता के साथ तीव्र और चरणबद्ध तरीके से गतिरोध को कम करने जरूरत पर जोर है. सूत्रों ने बुधवार को यह बात कही. सूत्रों ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर जमीनी स्थिति पहले जैसी ही है और आने वाले दिनों में अधिक सैन्य और राजनयिक स्तर की वार्ता होगी. मंगलवार को दोनों देशों के बीच तीसरे वरिष्ठ सैन्य कमांडर-स्तरीय बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया है. यह चर्चा एलएसी के पास दोनों सेनाओं की आमने-सामने की स्थिति को सही करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए की गई है.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे

इस मीटिंग में ये फैसला लिया गया है कि हर डिसइंगेजमेंट (सैनकों का पीछे हटना) के 72 घंटे तक दोनो तरफ से सेनाएं एक-दूसरे के कदमों पर निगरानी रखेंगी ताकि ये सुनिश्चित हो सके कि एक दूसरे ने कदम उठाए या नहीं. 72 घंटे की निगरानी के बाद डिसइंगेजमेंट की दूसरी प्रक्रिया शुरू होगी. इस बात को भारत की तरफ से प्रस्तावित किया गया क्योंकि भारत 15 जून की तरह धोखा नहीं खाना चाहता.

12 घंटे से ज्यादा चली बैठक 

सूत्रों ने कहा कि दोनों देशों के सैन्य प्रतिनिधियों के बीच मंगलवार को लंबे समय तक बैठक चली. यह बैठक कोविड-19 प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए व्यापारिक रूप से आयोजित की गई थी, जो कि 12 घंटे से अधिक समय तक चली. बैठक मंगलवार की सुबह 10.30 बजे शुरू होकर रात 11 बजे खत्म हुई. वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ तनाव को कम करने के लिए दोनों पक्षों की कमिटमेंट पर चर्चा हुई.

LAC के पास गतिरोध दूर करने की प्रक्रिया जटिल

सूत्रों ने कहा कि भविष्य में भारत और चीन के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तरों पर और अधिक बैठकें होने की उम्मीद है, ताकि परस्पर सहमति के साथ समाधान हो सके और द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास शांति सुनिश्चित हो सके. सूत्रों ने कहा, “एलएसी के पास गतिरोध को दूर करने की प्रक्रिया जटिल है और इस तरह के संदर्भ में अव्यवहार्य और असंतोषजनक रिपोटरें से बचने की जरूरत है.”

दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने 17 जून को अपनी बातचीत के दौरान विदेश मंत्री और उनके चीनी समकक्ष के बीच समझौते के अनुरूप बातचीत की थी और कहा था कि समग्र स्थिति को जिम्मेदार तरीके से संभाला जाएगा.

इससे पहले 30 जून को वार्ता के लिए चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी और भारतीय सेना के कमांडरों ने भारतीय क्षेत्र की ओर चुशूल में बैठक की. लेह स्थित 14वें कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और दक्षिण शिनजियांग के सैन्य प्रमुख मेजर-जनरल लियू लिन ने विवादित क्षेत्रों से सैनिकों के विस्थापन पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की. कोर कमांडर-स्तर पर पिछली दो बैठकें 6 और 22 जून को हुई थीं.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे

Related Posts