United Nations में भारत ने Pakistan को फिर किया बेनकाब, आतंकवाद पर पूरा कच्चा-चिट्ठा खोला

भारत ने कहा, 'यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक देश जिसने मुंबई (2008), पठानकोट (2016), उरी और पुलवामा में आतंकवादी हमले किए, वह अब विश्व समुदाय को आतंकवाद पर उपदेश दे रहा है.
India attacked on Pakistan in United Nations over terrorism, United Nations में भारत ने Pakistan को फिर किया बेनकाब, आतंकवाद पर पूरा कच्चा-चिट्ठा खोला

भारत ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र की एक वर्चुअल मीटिंग में पाकिस्तान पर आतंकवाद को पनाह देने और उनका सहयोग करने को लेकर तीखा हमला किया है. इस मीटिंग में भारत ने पाक पर आतंकवादियों को संरक्षण देने के साथ ही जम्मू-कश्मीर को लेकर झूठी कहानी गढ़ने का आरोप लगाया है.

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संयुक्त राष्ट्र (United Nations) द्वारा आयोजित वेबिनार में भारतीय प्रतिनिधिमंडल (Indian Delegation) का नेतृत्व कर रहे विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (आतंकवाद विरोधी) महावीर सिंघवी (Mahaveer Singhvi) ने कई मुद्दे उठाए. उन्होंने कहा कि इसी दिन 12 साल पहले अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी काबुल (Kabul) में भारतीय दूतावास पर पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन ने हमला किया था, इस हमले में कई भारतीय और अफगानी नागरिक मारे गए थे.

जिसने आतंकी हमले कराए वहीं दे रहा उपदेश

सिंघवी ने आगे कहा, ‘यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक देश जिसने मुंबई (2008), पठानकोट (2016), उरी और पुलवामा में आतंकवादी हमले किए, वह अब विश्व समुदाय को उपदेश दे रहा है. उन्होंने कहा, ‘वैश्विक महामारी के दौरान जहां विश्व इससे लड़ने के लिए साथ आ रहा है वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान, सीमा पार से आतंकवादियों की घुसपैठ कराने का काम कर रहा है. वह हर मौके को भारत के खिलाफ गलत बयानबाजी करने, झूठा आरोप लगाने और हमारे आंतरिक मामले में दखल देने के लिए इस्तेमाल करता है.

सीमा पार से हो रही लगातार आतंकी हमलों की कोशिशें

ये वेबिनार संयुक्त राष्ट्र के वर्चुअल आतंकवाद-निरोधी सप्ताह (Virtual Counter-Terrorism Week) का हिस्सा था जिसमें सिंघवी ने बताया कि आतंकवादियों ने भारत में घुसपैठ करने की अनगिनत कोशिशें की हैं. सीमा पार से अपने सुरक्षित ठिकानों से हमलों को अंजाम देने के लिए और हथियारों की तस्करी करने की भी लगातार कोशिशें होती रही हैं.

सिंघवी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर, आतंकवादियों ने महामारी के कारण होने वाले वित्तीय और भावनात्मक संकट का फायदा उठाने की कोशिश की है और नफरत फैलाने वाले भाषण, फर्जी समाचार और वीडियोज़ के जरिए गलत सूचना प्रसारित करने के लिए ऑनलाइन और सोशल मीडिया पर लोगों की उपस्थिति का इस्तेमाल किया है.

लादेन को शहीद कहने पर लताड़ा

सिंघवी ने हाल ही में संसद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा लादेन को “शहीद” कहने की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह उस आतंकवाद की याद दिलाने वाला है जो अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी पाकिस्तान में प्राप्त करते हैं.

सिंघवी ने ये भी कहा कि खान ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान में 40,000 से अधिक आतंकवादियों की मौजूदगी की बात स्वीकार की थी. वहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विश्लेषणात्मक सहायता और प्रतिबंधों की निगरानी टीम ने रिपोर्ट दी थी कि लश्कर-ए-तैयबा (जैश) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के लगभग 6,500 पाकिस्तानी आतंकवादी ) अफगानिस्तान में काम कर रहे हैं.

POK में हो रहा मानवाधिकार उल्लंघन

उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान से अलग भारत री दुनिया में कहीं भी आतंकवादी हमलों की निंदा करता है, जिसमें कराची में हुआ हमला भी शामिल है.भारतीय अधिकारी ने बलूचिस्तान, किबर-पख्तूनख्वा और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन, धार्मिक और सांस्कृतिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव की भी आलोचना की.

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