‘भारत कभी नहीं बन सकता सांप्रदायिक देश’, कहकर रामदेव ने बताया उन्‍हें किससे चाहिए आजादी

रंगारेड्डी जिले में एक ध्‍यान केंद्र के उद्घाटन के दौरान रामदेव ने कहा, "भारत कभी भी सांप्रदायिक देश नहीं बन सकता. यह मूलतः आध्यात्मिक देश है."

Baba Ramdev on India, ‘भारत कभी नहीं बन सकता सांप्रदायिक देश’, कहकर रामदेव ने बताया उन्‍हें किससे चाहिए आजादी

विश्व का ‘सबसे बड़ा ध्यान केंद्र’ हैदराबाद में खुल गया है. श्रीरामचंद्र मिशन एंड हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट के 75वें स्‍थापना दिवस पर योग गुरु बाबा रामदेव ने इसका उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्‍होंने कहा कि ‘भारत कभी सांप्रदायिक देश नहीं बनेगा.’ रामदेव ने कहा कि “भारत कोई एक धर्म प्रधान देश नहीं है, भारत एक आध्यात्मिक देश है.”

रामदेव ने कहा, “पिछले डेढ़ महीने से देश में विरोध और आंदोलन का जो वातावरण बना हुआ है, चारों तरफ हिंसा जैसा माहौल है, इससे भारत की गलत छवि दुनिया में जा रही है. बड़े-बड़े लोग कह रहे हैं कि कहीं भारत एक हिंदू राष्ट्र की तरफ आगे तो नहीं बढ़ रहा है? हिंदुस्तान में दंगे तो नहीं हो रहे हैं? सबको बताना चाहता हूं, भारत कोई एक धर्म प्रधान देश नहीं है. भारत एक आध्यात्मिक देश है. कोई कहता है हिंदू राष्ट्र बन जायेगा, कोई कहता है इस्लामिक देश बन जायेगा… ऐसा कभी नहीं होगा क्योंकि यहां रामचन्द्र मिशन जैसी एक संस्था है.”

रामदेव ने कहा कि ‘संस्कृति और प्रकृति की दृष्टि से भारत एक आध्यात्मिक देश है. कोई राजनेता कहे कि इसे सांप्रदायिक कर दूंगा, हिंदूकरण कर दूंगा, इस्लामिकरण कर दूंगा, भगवाकरण कर दूंगा, ये सब ध्रुवीकरण की राजनीति में हो सकता है, वास्तविकता में ऐसा संभव नहीं है. भारत कभी भी सांप्रदायिक देश नहीं बन सकता, यह मूलतः आध्यात्मिक देश है.”

रामदेव ने बताया किससे चाहिए आजादी

उन्‍होंने आगे कहा, “सभी चाहते हैं भारत एक शक्तिशाली देश बने. शक्तिशाली क्या गरीबी से बनेगा. मैं भी आजादी चाहता हूं. गरीबी से आजादी, बेरोजगारी से आजादी, महंगाई से आजादी, आर्थिक गरीबी से आजादी, वैचारिक गरीबी से आजादी, भावनाओं की गरीबी से आजादी… इन सब से देश मुक्त हो और राष्ट्र शक्तिशाली बने. इस संकल्प के साथ हम योग और उद्योग चला रहे हैं. बहुत लोग पूछते हैं बाबा जी योग तो ठीक है मगर उद्योग कहां से आ गया, मेरा कहना है उद्योग में ही तो योग है.”

30 हजार एकड़ में बने इस ध्‍यान केंद्र में रामदेव के नाम पर एक रोड भी है. रंगारेड्डी जिले में बने कान्हा शांतिवनम में एक केंद्रीय और 8 माध्यमिक केंद्र हैं. यहां एक बार में 100,000 चिकित्सक आ सकते हैं. इसकी रसोई में एक दिन में 1,00,000 लोगों के लिए खाना बनाया जा सकता है. इसमें 350 बिस्तरों वाली आयुष चिकित्सा सुविधा भी है.

28-30 जनवरी, 2-4 फरवरी और 7-9 फरवरी 2020 के बीच यहां पर तीन-तीन दिन के सत्र आयोजित किए जाएंगे. भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 2 फरवरी को और सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे 7 फरवरी को चिकित्सकों को संबोधित करेंगे.

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