लद्दाख: 14 कॉर्प्स के नए चीफ होंगे पीजीके मेनन, चीन से बातचीत के अनुभव का होगा फायदा?

अगले महीने लेह स्थित 14 कॉर्प्स की जिम्मेदारी लेफ्टिनेंट जनरल हरेन्दर सिंह से लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन (PGK Menon) के कंधों पर आ जाएगी.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 1:36 pm, Mon, 21 September 20
PGK-Menon
पीजीके मेनन (दाहिने हाथ पर)

लद्दाख बॉर्डर (Ladakh Issue) पर भारत और चीन का विवाद कब खत्म होगा इसको लेकर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता. लेकिन इस विवाद के बीच भारत की तरफ से एक बड़ा बदलाव होनेवाला है. अगले महीने लेह स्थित 14 कॉर्प्स की जिम्मेदारी लेफ्टिनेंट जनरल हरेन्दर सिंह से लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन (PGK Menon) के कंधों पर आ जाएगी.

बता दें कि भारत और चीन के बीच जो कॉर्प्स कमांडर स्तर की पांचवी बैठक होनी है उसमें लेफ्टिनेंट जनरल हरेन्दर सिंह के साथ-साथ लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन (ऊपर तस्वीर में दाहिनी तरफ वाले) भी हिस्सा ले रहे हैं. पीजीके मेनन के लिए चीन से बातचीत कोई नई बात नहीं होगी. उन्हें पहले भी इसका अनुभव है. चलिए आपको बताते हैं कि पीजीके मेनन फिलहाल कहां हैं और चीन से उनका ‘आमना-सामना’ पहले कब हुआ है.

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पीजीके मेनन (PGK Menon) फिलहाल आर्मी हेडक्वॉर्टर में कंप्लेन एडवाइजरी बोर्ड (CAB) में एडिशन डायरेक्टर जनरल के रूप में तैनात हैं. उनकी रिपोर्टिंग सीधा आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे को होती है.

चीन से बातचीत का रहे हैं हिस्सा

पीकेजी मेनन चीन के साथ हुई उस पहली मेजर जनरल स्तर की बातचीत का हिस्सा थे जो अरुणाचल प्रदेश-तिब्बत बॉर्डर पर बुम ला में नवंबर 2018 में हुई थी. उस वक्त पर वह असम स्थित 71 इन्फेंटरी डिविजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) थे. इस साल जनवरी तक वह सिख रेजिमेंट के कर्नल थे.

लद्दाख के चुशूल-मॉल्डो की तरह बुम ला असम का बॉर्डर मीटिंग पॉइंट है. उस वक्त उन्होंने पीएलए के मेजर जनरल ली शी जोंग से बात की थी. 2018 में यह मीटिंग डोकलाम विवाद के एक साल बाद हुई थी. जब डोकलाम में भारत और चीन की सेना दो महीनों तक आमने-सामने रही थीं.