फिलिस्तीनी शरणार्थियों की मदद के लिए भारत ने UNRWA में दिया एक मिलियन डॉलर का योगदान

फिलिस्तीन के कल्याण के लिए भारत का समर्थन देश की विदेश नीति का एक अभिन्न अंग है. इस योगदान से शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, राहत और सामाजिक सेवाओं सहित एजेंसी के दूसरे कार्यक्रमों और सेवाओं को मदद मिलेगी.

UNRWA में भारत की तरफ से एक मिलियन डॉलर का योगदान

भारत ने बुधवार को पूर्व के करीब मौजूद फिलिस्तीन के शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और निर्माण एजेंसी (UNRWA) में एक मिलियन डॉलर का योगदान दिया है. भारत के इस योगदान से शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, राहत और सामाजिक सेवाओं सहित एजेंसी के दूसरे कार्यक्रमों और सेवाओं को मदद मिलेगी.

फिलिस्तीन राज्य के लिए भारत का प्रतिनिधि कार्यालय, “भारत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र राहत और निर्माण एजेंसी (UNRWA) में पूर्व में फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए एक मिलियन डॉलर का योगदान दिया. इससे एजेंसी को शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, राहत और सामाजिक सेवाओं सहित कई दूसरे कार्यक्रमों और सेवाओं में मदद मिलेगी.”

दअरसल फिलिस्तीन के कल्याण के लिए भारत का समर्थन देश की विदेश नीति का एक अभिन्न अंग है. रामल्ला में भारत के प्रतिनिधि कार्यालय के अनुसार, भारत ने हमेशा विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर फिलिस्तीन के कल्याण के समर्थन में सक्रिय भूमिका निभाई है.

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बता दें कि 23 जून 2020 को UNRWA के लिए हुए वर्चुअल मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के दौरान विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने घोषणा की थी कि भारत अगले दो सालों में UNRWA में 10 मिलियन डॉलर का योगदान देगा.

क्या है UNRWA और कैसे करता है काम?

फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (UNRWA) को संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश अपनी इच्छा से योगदान देते हैं और यह संस्था इसी योगदान की मदद से काम करती है. UNRWA शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, राहत और सामाजिक सेवाओं, शिविर के बुनियादी ढांचे और सुधार, माइक्रोफाइनेंस और आपातकालीन सहायता के साथ-साथ सशस्त्र संघर्ष में अपनी सेवाएं देता है.

साथ ही UNRWA को संयुक्त राष्ट्र के नियमित बजट से भी कुछ राशि मिलती है, जिसका उपयोग ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय स्टाफिंग लागत के लिए किया जाता है.

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