काला धन जमा करने वालों के बुरे दिन शुरू, स्विस बैंक ने भारत को सौंपा 31 लाख खातों का विवरण

स्विस बैंक ने जो विवरण भारत को सौंपा है उसमें सक्रिय खातों की भी जानकारी शामिल है. स्विट्जरलैंड के संघीय कर प्रशासन (FTA) ने 75 देशों को एईओआई के वैश्विक मानदंडों के तहत वित्तीय खातों के ब्योरे का आदान-प्रदान किया है, जिनमें भारत भी शामिल है.
काला धन जमा स्विस बैंक, काला धन जमा करने वालों के बुरे दिन शुरू, स्विस बैंक ने भारत को सौंपा 31 लाख खातों का विवरण

नई दिल्ली: 2014 लोकसभा चुनावों के दौरान बीजेपी ने अपने चुनावी वादों में काला धन वापस भारत लाने की बात कही थी. उसके लिए मोदी सरकार ने पहल भी की थी. मोदी सरकार की पहल के अब सार्थक परिणाम देखने को मिल रहे हैं. स्विस बैंक में जमा भारतीयों के काले धन से जुड़ा पहले दौर का विवरण स्विट्जरलैंड ने भारत को सौंप दिया है.

स्विस बैंक ने जो विवरण भारत को सौंपा है उसमें सक्रिय खातों की भी जानकारी शामिल है. स्विट्जरलैंड के संघीय कर प्रशासन (FTA) ने 75 देशों को एईओआई के वैश्विक मानदंडों के तहत वित्तीय खातों के ब्योरे का आदान-प्रदान किया है, जिनमें भारत भी शामिल है.

एफटीए ने समझौते में शामिल देशों को कुल 31 लाख खातों का विवरण भेजा है, जबकि इन देशों से उसे 24 लाख जानकारियां मिली हैं. इन जानकारियों में आइडेंटिफिकेशन, खाते तथा पैसों से जुड़ी जानकारी शामिल हैं. इनमें नाम, पता, नैशनलिटी, टैक्स आइडेंटिफिकेशन नंबर, वित्तीय संस्थानों से जुड़ी सूचनाएं, खाते में पड़े पैसे और कैपिटल इनकम शामिल हैं.

एफटीए के एक प्रवक्ता ने कहा कि भारत को पहली बार एईओआई ढांचे के तहत खातों के बारे में जानकारी प्रदान की गई है. इसमें उन खातों की सूचना दी जाएगी जो अभी सक्रिय है. इसके अलावा, उन खातों का ब्योरा भी उपलब्ध कराया जाएगा जो 2018 में बंद किए जा चुके हैं. प्रवक्ता ने कहा कि इस व्यवस्था के तहत अगली सूचना सितंबर, 2020 में साझा की जाएगी. एफटीए ने हालांकि भारत से जुड़ी किसी खास जानकारी को देने से यह कहते हुए मना कर दिया कि यह गोपनीयता से जुड़ा मामला है.

कई बैंक अधिकारियों और नियामकीय अधिकारियों ने नाम गोपनीय रखने के अनुरोध के साथ कहा कि ये जानकारियां मुख्यत: कई दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों, अमेरिका, ब्रिटेन, कुछ अफ्रीकी देशों तथा दक्षिण अमेरिकी देशों में रह रहे अनिवासी भारतीयों समेत व्यवसायियों से संबंधित हैं. बैंक अधिकारियों ने माना कि कभी पूरी तरह से गोपनीय रहे स्विस बैंक खातों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर शुरू हुई मुहिम के बाद पिछले कुछ सालों में इन खातों से भारी स्तर पर पैसे निकाले गए और कई खाते बंद हो गए. हालांकि, साझा की गई जानकारियों में उन खातों की भी सूचनाएं शामिल हैं, जिन्हें 2018 में बंद करा दिया गया.

स्विस बैंक में धन जमा करने वाले देशों की सूची में भारत दुनियाभर में 74वें पायदान पर है, जबकि ब्रिटेन का पहला स्थान है. स्विट्जरलैंड स्थित बैंक द्वारा जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है. पिछले साल भारत 15 पायदान की छलांग के साथ सूची में 73वें स्थान पर था.

स्विस बैंक में धन जमा करने वालों की रैंकिंग में दूसरे स्थान पर अमेरिका, तीसरे स्थान पर वेस्ट इंडीज, चौथे स्थान पर फ्रांस तथा पांचवें स्थान पर हॉन्गकांग है. इस बैंक में जमा 50% से अधिक धन इन्हीं पांचों देशों के लोगों का है. बैंक में जमा लगभग दो तिहाई धन सूची में शामिल शीर्ष 10 देशों के लोगों का है। टॉप 10 देशों के अन्य देशों में बहामास, जर्मनी, लक्जमबर्ग, कायमान आइलैंड्स और सिंगापुर शामिल हैं.

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