Study: भारत-पाक के बीच परमाणु युद्ध हुआ तो मारे जाएंगे 12.5 करोड़ लोग

स्टडी में शामिल रिसर्चरों के मुताबिक परमाणु बमों के फूटने पर 1.6 से 3.6 करोड़ टन का राख बनेगा जो धुएं में बेहद छोटे-छोटे कणों के रूप में होगा. यह राख ऊपरी वातावरण तक पहुंच जाएगा और एक हफ्ते के भीतर ही पूरी दुनिया में फैल जाएगा.
भारत-पाक परमाणु वार, Study: भारत-पाक के बीच परमाणु युद्ध हुआ तो मारे जाएंगे 12.5 करोड़ लोग

वाशिंगटन: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान अपने आत्म संतोष के लिए बार-बार परमाणु युद्ध की धमकी देता रहता है. अमेरिका में एक हालिया स्टडी में दावा किया गया है कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु जंग हुई तो इसके बेहद खतरनाक नतीजे होंगे. इतना ही नहीं, यह पूरी दुनिया को जलवायु परिवर्तन से होने वाले प्राकृतिक आपदाओं की तरफ भी ले जाएगा.

स्टडी के सह-लेखक रुट्गर्स यूनिवर्सिटी के ऐलन रोबोक के मुताबिक दोनों देशों में परमाणु युद्ध हुआ तो 12.5 करोड़ लोग तो तत्काल मारे जाएंगे. उन्होंने कहा, ‘इस तरह के युद्ध से सिर्फ उन्हीं जगहों को नुकसान नहीं पहुंचेगा जहां परमाणु बम गिरेंगे बल्कि पूरी दुनिया प्रभावित होगी.’

साइंस अडवांसेज जर्नल में प्रकाशित स्टडी में यह मानकर नुकसान का अनुमान किया गया है कि 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध हो सकती है. कश्मीर को लेकर दोनों पड़ोसियों में कई बार युद्ध हो चुका है. स्टडी में कहा गया है कि 2025 तक दोनों देशों के परमाणु हथियारों की संयुक्त तादाद 400 से 500 होगी.

स्टडी में शामिल रिसर्चरों के मुताबिक परमाणु बमों के फूटने पर 1.6 से 3.6 करोड़ टन का राख बनेगा जो धुएं में बेहद छोटे-छोटे कणों के रूप में होगा. यह राख ऊपरी वातावरण तक पहुंच जाएगा और एक हफ्ते के भीतर ही पूरी दुनिया में फैल जाएगा. रिसर्चरों के मुताबिक यह राख सौर विकिरण को सोख लेगी जिससे हवा गर्म हो जाएगी और धुआं तेजी से ऊपर उठेगा.

स्टडी के मुताबिक, इस प्रक्रिया में धरती पर पहुंचने वाली सूर्य की रोशनी की मात्रा में 20 से 35 प्रतिशत की कमी आएगी, जिससे धरती की सतह का तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक घट जाएगा. इतना ही नहीं, दुनियाभर में होने वाली बारिश में भी 15 से 30 प्रतिशत की कमी देखने को मिलेगी जिसका बहुत गहरा असर पड़ेगा.

रिसर्चरों के मुताबिक, वैसी स्थिति में वैश्विक स्तर पर साग-सब्जियों का विकास 15 से 30 प्रतिशत तक रुक जाएगा और महासागरों की प्रॉडक्टिविटी भी 5 से 15 प्रतिशत तक कम हो जाएगी. स्टडी में कहा गया है कि इन असरों से मुक्ति मिलने में 10 से ज्यादा साल का वक्त लगेगा, तबतक जबतक ऊपरी वातावरण में धुआं मौजूद रहेगा.

रिसर्चरों के मुताबिक 2025 तक परमाणु हथियारों की क्षमता काफी बढ़ चुकी होगी. 1945 में अमेरिका द्वारा हिरोशिमा में गिराए गए बम के आकार वाले परमाणु हथियार की क्षमता 15 किलोटन विस्फोटकों की ताकत इतनी हो जाएगी. रिसर्चरों के मुताबिक, ऐसी स्थिति में अगर भारत-पाक में परमाणु जंग हुई तो 5 करोड़ से 12.5 करोड़ लोग सीधे मारे जाएंगे. इसके अलावा दुनियाभर में बड़े पैमाने पर भुखमरी की भी आशंका रहेगी, जिससे अतिरिक्त मौतें होंगी.

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