पाकिस्तान को सबक सिखाने का प्लान हो रहा तैयार, चौतरफा घेरेबंदी के बाद होगा अटैक !

नई दिल्ली: पुलवामा हमले के बाद भारत विश्व समुदाय में पाकिस्तान के खिलाफ बन रहे माहौल को और मजबूत करने के पुरजोर प्रयासों में जुटा है. पाकिस्तान और आतंकवादियों को सबक सिखाने की रणऩीति के तहत भारत दुनिया भर के देशों से संपर्क में है. पाकिस्तान के खिलाफ कोई भी कठोर कदम उठाने से पहले […]

नई दिल्ली: पुलवामा हमले के बाद भारत विश्व समुदाय में पाकिस्तान के खिलाफ बन रहे माहौल को और मजबूत करने के पुरजोर प्रयासों में जुटा है. पाकिस्तान और आतंकवादियों को सबक सिखाने की रणऩीति के तहत भारत दुनिया भर के देशों से संपर्क में है. पाकिस्तान के खिलाफ कोई भी कठोर कदम उठाने से पहले भारत उसे पूरी दुनिया में बेनकाब करना चाहता है. जानकारों की मानें तो भारत ने पुलवामा हमले में पाकिस्तानी आतंकियों की भूमिका को लेकर पुख्ता सूबत जुटा लिए हैं, इसमें पाकिस्तान की सरपरस्ती में चल रहे आतंकी कैंपों और गतिविधियों का पूरा ब्योरा भी शामिल है. गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक विश्व पटल पर पाक परस्त आतंकवाद का नकाब उतारने के लिए स्पेशल डोजियर तैयार किया जा रहा है, जिसे दुनिया भर के देशों को बतौर सबूत सौंपा जाएगा। रक्षा सूत्रों की मानें तो पाकिस्तान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई की रणनीति को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।

डोजियर में है पाकिस्तान का कच्चा चिट्ठा

पुलवामा हमले के बाद भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के हाथ अहम सुराग लगे हैं. इसी के आधार पर सुरक्षाबलों ने हमले के मास्टरमाइंड जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर कामरान उर्फ गाजी समेत 2 आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया था. खुफिया सूत्रों के मुताबिक आतंकी कामरान उर्फ गाजी के कश्मीर नेटवर्क और पाकिस्तानी लिंक की तमाम जानकारियां जुटाई जा चुकी हैं. साथ ही पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हमले के पहले और बाद की खुफिया कड़ियों को भी जोड़ा जा चुका है. पुलवामा हमले के तार सीधे तौर पर आईएसआई से भी जुड़ रहे हैं. खुफिया एजेंसियों ने पुलवामा हमले को लेकर पाकिस्तान की धरती पर रची गई साजिश के पुख्ता प्रमाण जुटाए हैं और इसे डोजियर के रूप में दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा ताकि पाकिस्तान को अलग-थलग किया जा सके।

दुनिया भर में पाकिस्तान दरकिनार

पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस, रूस, इजराइल, जापान और जर्मनी समेत दुनिया के करीब 50 से ज्यादा प्रभावशाली मुल्कों ने न सिर्फ पाक परस्त आतंकी हमले की निंदा की है बल्कि आतंकवाद के खात्मे के लिए कठोर फैसले लेने की जरूरतों पर भी जोर दिया है. जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी अजहर मसूद को इंटरनेशनल टेररिस्ट घोषित कराने के प्रयासों को यूएन में पलीता लगाने वाला चीन भी आतंकवाद की इस घटना की कड़ी निंदा करने से परहेज नहीं कर पाया। पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश, अफगानिस्तान, भूटान, नेपाल और श्रीलंका ने भी इस आतंकी घटना की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़ा होने की बात कही है.

भारत को महाशक्तियों का समर्थन

पुलवामा हमले के लिए जिम्मेदार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना अजहर मसूद के खिलाफ भारत को फ्रांस का खुला साथ मिला है. फ्रांस ने अजहर मसूद पर बैन के प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश करने का फैसला लिया है. फ्रांस के इस प्रस्ताव को अमेरिका और इंग्लैंड ने अपना समर्थन देने का ऐलान भी कर दिया है. पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बनाने साथ ही फ्रांस ने उसकी इकोनॉमी पर चोट करने की भारत की रणनीति को आगे बढ़ाने तैयारी की है. फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की हाल ही होने वाली सालाना मीटिंग में फ्रांस पाक को ग्रे लिस्ट में बनाए रखने की मांग करेगा. भारत ने भी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स को आतंकी हमले के संबंध में डोजियर सौंपने की तैयारी की है. इसमें बताया जाएगा कि किस तरह पुलवामा हमले की साजिश पाक में रची गई थी.

सैन्य कार्रवाई की हो रही प्लानिंग

पाकिस्तान के खिलाफ पुख्ता सबूत होने के बावजूद भारत के लिए उस पर सीधी सैन्य कार्रवाई कर पाना आसान नहीं है, लेकिन पाकिस्तान को कड़ा संदेश देने के लिए भारत की ओर से ‘लिमिटेड मिलिट्री एक्शन’ का विकल्प आजमाने पर विचार हो रहा है. सरकार और सैन्य सूत्रों की मानें तो इस बार कार्रवाई सर्जिकल स्ट्राइक से बिल्कुल अलग होगी. जानकारी के मुताबिक रणनीतिकारों ने जल, थल और वायु सेना को अलर्ट रहने और एक्शन प्लान भेजने को कहा है. आतंक के आकाओं और पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए कश्मीर में तैनात अफसरों से भी प्लान मांगे गए हैं. इसमें भारत के कश्मीर, पीओके और पाकिस्तान के अन्य हिस्से शामिल हैं. बताया जा रहा है कि संभावित प्लान की समीक्षा के बाद सलेक्टेड प्लान पर अंतिम मुहर रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय और पीएमओ की ओऱ से लगेगी. कश्मीर और आसपास के इलाकों में सक्रिय करीब 300 दुर्दांत आतंकियों का खात्मा भी इसी प्लान का हिस्सा है.