पुलवामा हमला: भारत ने पाकिस्तान से छीना मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा

Share this on WhatsAppनई दिल्ली। बीती शाम जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के एक काफिले में आतंकी हमला किया गया. इस हमले में अभी तक 42 जवान शहीद हो चुके हैं जबकि कई जवान गंभीर रूप से घायल हैं. इस कायरता पूर्ण हमले की पूरी दुनिया में निंदा की जा रही है. हमले के […]

नई दिल्ली।

बीती शाम जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के एक काफिले में आतंकी हमला किया गया. इस हमले में अभी तक 42 जवान शहीद हो चुके हैं जबकि कई जवान गंभीर रूप से घायल हैं. इस कायरता पूर्ण हमले की पूरी दुनिया में निंदा की जा रही है. हमले के बाद से ही हाई प्रोफाइल मीटिंग का दौर जारी था. आज दिल्ली में पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की सुरक्षा संबंधी कमेटी ने इस हमले पर 55 मिनट तक बैठक की. बैठक के बाद वित्तमंत्री अरुण जेटली और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने मीडिया को जानकारी दी.

अरुण जेटली ने कहा, पाकिस्तान को आतंकवाद पर दुनिया में बेनकाब करेंगे. पाकिस्तान को जो मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया गया था उसे वापस लेने का फैसला लिया गया है. जिन्होंने देश के लिए अपने जीवन का त्याग किया उनके लिए 2 मिनट का मौन रखा गया. आतंकी हमलों के मददगार, गुनहगार नहीं बचेंगे. अरुण जेटली ने कहा, ‘विदेश मंत्रालय ने सभी संभव राजनयिक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग किया जा सके क्योंकि इस कायराना हरकत के पीछे उसका सीधा हाथ है. जो लोग इस हमले के जिम्मेदार हैं या इस आतंकवादी हमले का समर्थन किया है उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.’

क्या होता है एमएफएन (मोस्ट फेवर्ड नेशन)

डब्ल्यूटीओ बनने के साल भर बाद भारत ने पाकिस्तान को 1996 में एमएफएन का दर्जा दिया था लेकिन पाकिस्तान की ओर से भारत को ऐसा कोई दर्जा नहीं दिया गया था.दरअसल एमएफएन का मतलब है मोस्ट फेवर्ड नेशन, यानी सर्वाधिक तरजीही देश. विश्‍व व्‍यापार संगठन और इंटरनेशनल ट्रेड नियमों के आधार पर व्यापार में सर्वाधिक तरजीह वाला देश (एमएफएन) का दर्जा दिया जाता है. एमएफएन का दर्जा मिल जाने पर दर्जाप्राप्त देश को इस बात का आश्वासन रहता है कि उसे कारोबार में नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा.

क्या लाभ हैं एमएफएन का दर्जा प्राप्त करने लेने में…
गौर करें कि एमएफएन का दर्जा कारोबार में दिया जाता है. इसके तहत आयात-निर्यात में आपस में विशेष छूट मिलती है. यह दर्जाप्राप्त देश कारोबार सबसे कम आयात शुल्क पर होता है. डब्ल्यूटीओ के सदस्य देश खुले व्यापार और बाज़ार से बंधे हैं मगर एमएफएन के क़ायदों के तहत देशों को विशेष छूट दी जाती है. सीमेंट, चीनी, ऑर्गेनिक केमिकल, रुई, सब्जियों और कुछ चुनिंद फलों के अलावा मिनरल ऑयल, ड्राई फ्रूट्स, स्टील जैसी कमोडिटीज़ और वस्तुओं का कारोबार दोनों देशों के बीच होता है. भारत और पाकिस्तान के बीच 2012 के आंकड़े के मुताबिक़ करीब 2.60 बिलियन डॉलर का व्यापार होता है.

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