पाकिस्तान के बातचीत वाले दावे को भारत ने झुठलाया, कहा- ये इमरान खान के NSA की कल्पना है

इमरान खान के NSA मोईद यूसुफ ने एक इंटरव्यू में इस तरह का दावा किया था कि भारत ने पाकिस्तान के साथ बातचीत के संकेत दिए हैं. साथ ही उन्होंने इसके लिए अपनी तरफ से भारत के सामने पांच शर्तें भी रखी थीं.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 6:41 pm, Wed, 14 October 20
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File Photo- Pakistan PM Imran Khan

भारत से बातचीत करने की मंशा रखने वाले पाकिस्तान का एक और झूठ बेनकाब हो गया है, क्योंकि भारत इमरान खान के शीर्ष सुरक्षा सलाहकार के उस दावे का खंडन कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि नई दिल्ली ने पाकिस्तान के साथ बातचीत के कुछ संकेत दिए थे. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, इस मामले से जुड़े लोगों ने बुधवार को कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत को फिर शुरू करने के लिए भारत न तो सीधे पाकिस्तान को और न ही किसी माध्यम के जरिए कोई संदेश नहीं भेजा है.

सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “यह उनकी अपनी कल्पना है.” साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि इमरान खान के सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ के दावे पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की तरफ से सही समय पर प्रतिक्रिया आएगी.

अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत करने पर नई दिल्ली का रुख पूरी तरह से साफ रहा है. साथ ही यह शर्त है कि इस्लामाबाद को आतंक और हिंसा के वातावरण के खिलाफ अहम और ठोस कदम उठाने होंगे. इसके लिए पाकिस्तान को सीमा पार चल रहे आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों को खत्म करना होगा और उसके क्षेत्र में सक्रिय सैकड़ों आतंकवादियों पर शिकंजा कसना होगा.

भारत के सामने रखी बातचीत की पांच शर्तें

दरअसल इमरान के NSA मोईद यूसुफ ने एक इंटरव्यू में इस तरह का दावा किया था कि भारत ने पाकिस्तान के साथ बातचीत के संकेत दिए हैं. साथ ही उन्होंने इसके लिए अपनी तरफ से भारत के सामने पांच शर्तें भी रखीं, जिसमें कश्मीर और अनुच्छेद 370 का मुद्दा भी शामिल था.

‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के मुताबिक भारतीय पत्रकार करण थापर से पीएम इमरान खान के विशेष सहायक (राष्ट्रीय सुरक्षा) डॉ. मोईद यूसुफ (Dr. Moeed Yusuf) ने एक इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान, भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है और बातचीत के माध्यम से सभी मुद्दों को हल करना चाहता है.

ये हैं पाकिस्तान की वो पांच शर्तें

यूसुफ ने उन 5 शर्तों को गिनाते हुए कहा, ”दोनों पड़ोसियों के बीच होने वाली किसी भी सार्थक बातचीत के लिए, भारत को कश्मीर में सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा करना होगा, अमानवीय नाकाबंदी और प्रतिबंधों को समाप्त करना होगा, अधिवास कानून को रद्द करना होगा जो गैर-कश्मीरियों को विवादित क्षेत्र में बसने की अनुमति देता है, पाकिस्तान पर मानवाधिकारों का हनन जैसे आरोप लगाना बंद करना होगा और स्टेट टेररिज्म बंद करना होगा.”

भारत से बातचीत करने की मंशा भी और ऊपर से शर्तें भी, अब पाकिस्तान का नया पैंतरा