देश को केरल में ओणम के दौरान बढ़े कोरोना मामलों से सीखना चाहिए-स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन

डॉ. हर्षवर्धन (Dr. Harsh Vardhan) ने यह भी स्वीकार किया कि कम्यूनिटी स्प्रेड (सामुदायिक प्रसार) की आशंका है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां घनी आबादी रहती है. हालांकि कुछ ज़िलों और राज्यों में ही ये सीमित होगा.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 9:11 am, Mon, 19 October 20
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (FILE)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Dr. Harsh Vardhan) ने रविवार को कहा कि लोगों को त्योहारों के मौसम में बड़ी सभाओं से बचना चाहिए. हमें केरल से सबक लेना चाहिए, क्योंकि कोरोना पर कंट्रोल के बाद वहां सप्ताह भर ओणम के त्योहार आगस्त के आखिर में घोर लापरवाही देखने को मिली. सोशल मीडिया पर साप्ताहिक बातचीत के दौरान डॉ. हर्षवर्धन ने यह भी स्वीकार किया कि कम्यूनिटी स्प्रेड (सामुदायिक प्रसार) की आशंका है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां घनी आबादी रहती है. हालांकि कुछ ज़िलों और राज्यों में ही इसके सीमित होने की उम्मीद है.

केरल की स्वास्थ मंत्री केके शैलजा ने ओणम के दौरान लापरवाही की केंद्रीय मंत्री की टिप्पणियों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने केरल की आलोचना नहीं की थी, बल्कि अन्य राज्यों को सार्वजनिक सभाओं से बचने की सलाह दी थी, जो कि केरल में ओणम के दौरान हुआ.

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केरल सरकार की विफलता

हालांकि केरल के विपक्षी दलों ने केंद्र की टिप्पणियों को राज्य पर आरोप के रूप में कहा है. विपक्ष ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने केरल सरकार की विफलता को उजागर किया है. राज्य 3 लाख के कोरोना मामलों के रिकॉर्ड की ओर क्यों बढ़ रहा है, इस सवाल का जवाब देते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि महामारी के प्रारंभिक चरण के दौरान वायरस पर नियंत्रण होने के बाद स्थिति अब खराब हो गई है.

त्योहारी सीज़न में लापरवाही न बरतें राज्य

मैं कहूंगा कि अन्य राज्यों को त्योहारी सीज़न के दौरान केरल में हुई लापरवाही से सीखना चाहिए. मैं यह भी कहूंगा कि सभी राज्य इस सीज़न में सावधानी बरतें. कम से कम अगले कुछ महीनों तक सावधानी बरतनी चाहिए. पिछले 24 घंटों में केरल में 9,016 नए मामले दर्ज किए, जो महाराष्ट्र के बाद दूसरे स्थान पर है. मामलों में वृद्धि के बाद शुक्रवार को एक केंद्रीय दल केरल भेजा गया है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 30 जनवरी से 3 मई के बीच केरल में सिर्फ 499 मामले और दो मौतें हुईं. ज़्यादातर मामले कासरगोड और कन्नूर जिलों में केंद्रित थे. अगस्त और सितंबर में राज्य में स्थिति ओणम के बाद बिल्कुल बदल गई. ओणम त्यौहार 22 अगस्त और 2 सितंबर के बीच चलता है. इस दौरान राज्य भर में लोग त्योहार मनाने के लिए बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए. केरल जो सितंबर के पहले सप्ताह में औसतन 2,000 मामलों की पुष्टि कर रहा था. 4,000 औसत दैनिक नए मामलों तक पहुंच गया. जिसके बाद केरल ने 7 हज़ार से 8 हज़ार मामलों का आना शुरू हुआ.

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