कोरोनावायरस के दोबारा संक्रमण का 100 दिन तक खतरा, देश में 3 केस- ICMR प्रमुख

आईसीएमआर (ICMR) प्रमुख ने कहा कि रीइंफेक्शन के कुछ मामलों की पहचान की गई है, जिसमें 2 मुंबई में और एक अहमदाबाद में केस मिला है. डब्लूएचओ के आंकड़ों में कहा गया है कि दुनिया में लगभग दो दर्जन मामले रीइंफेक्शन के हैं.

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  • Publish Date - 7:49 am, Wed, 14 October 20
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आईसीएमआर (ICMR) प्रमुख ने मंगलवार को कहा है कि भारत में कोरोनावायरस (Coronavirus) रीइंफेक्शन (दोबारा संक्रमण) की समय सीमा 100 दिन तय की गई है. इसका मतलब इन 100 दिनों में कोरोनावायरस के दोबारा संक्रमण का खतरा ज़्यादा है. उन्होंने इस बात की भी पुष्टि की देश में कम से कम 3 दोबारा संक्रमण के मामलों की पहचान की गई है. ICMR के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि रीइंफेक्शन की परिभाषा क्या है. 90 दिन या 100 दिन इस बात को अभी WHO ने भी तय नहीं किया है.

भारत रीइंफेक्शन के मामलों के लिए 100 दिन का समय ले रहा है. भार्गव ने कहा ये कहा कि ये एंटीबॉडी की लाइफ है. उन्होंने कहा कि कुछ मामलों की पहचान की गई है, जिसमें 2 मुंबई में और एक अहमदाबाद में मामला मिला है. डब्लूएचओ के आंकड़ों में कहा गया है कि दुनिया में लगभग दो दर्जन मामले रीइंफेक्शन के हैं.

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भार्गव ने कहा कि हम आईसीएआर का डाटा देख रहे हैं, और रीइंफेक्शन वाले लोगों का पता लगाकर टेलीफोनिक संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं.

किस उम्र के लोगों की ज़्यादा हो रही मौत

वहीं स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि 45-60 वर्ष की उम्र में करीब 35 फीसदी मरीज़ों की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने की पृष्ठभूमि में ये वर्ग कमज़ोर नज़र आता है. कई बार युवा आबादी सोचती है कि वो उम्र के कारण स्वस्थ्य हैं और उन्हें संक्रमण नहीं होगा, या फिर वो जल्दी ठीक हो जाएंगे. लोगों को ऐसी धारण बनाने से बचना चाहिए.

डाटा से ये भी पता चलता है कि 45-60 वर्ष के आयु के गंभीर बीमारियों वाले रोगियों में जोखिम ज़्यादा है. इस आयु वर्ग में गंभीर बीमारियों वाले मरीज़ों की 13.9 फीसदी मौतें हुई हैं. साथ ही गंभीर बीमारियों के बिना 1.5 फीसदी. साथ ही 53 फीसदी मौतें 60 वर्ष या उससे ज़्यादा उम्र कमें हुई हैं.

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17 वर्ष की उम्र में 1 फीसदी और 18-25 वर्ष की उम्र में एक फीसदी लोगों की जान गई है. हालांकि लगातार 5 दिनों तक 9 लाख से कम एक्टिव मामलों और पॉजिटिविटी रेट 6.24 फीसदी होने पर नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी के पॉल ने कहा कि अगर सावधानी नहीं बरती गई तो त्योहार के सीज़न और सर्दियों में हालात ख़राब हो सकते हैं.

राजेश भूषण ने कहा कि भारत में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट लगातार नीचे जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव ने इस दौरान कहा कि करीब 87 फीसदी लोग कोरोनावायरस से रिकवर हो चुके हैं.