अब बम भी बरसाएंगे भारत के ड्रोन, चीन की हर हरकत की करेंगे निगरानी

भारत को लगने लगा है कि निगरानी वाले ड्रोन की जगह सेना के पास हथियारबंद ड्रोन होने चाहिए. लिहाजा भारत अमेरिका से मिसाइल और लेजर गाइडेड बम से लैस ड्रोन खरीदने की तैयारी में है. जिससे LAC पर हिंदुस्तान की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 12:08 am, Wed, 30 September 20

पूर्वी लद्दाख में PLA के साथ जारी तनाव के बीच भारत, चीनी  ड्रोन को टक्कर देने के लिए अपने ड्रोन सिस्टम को मजबूत करने वाला है और इस मिशन को पूरा करने के लिए तीन बड़े फैसले किए गए हैं. अब भारत मिसाइल लेकर उड़नेवाला गार्डियन्स ड्रोन अमेरिका से खरीदेगा. वहीं इजरायल से लिए गए हेरॉन ड्रोन सिस्टम को अपग्रेड करेगा. इतना ही नहीं DRDO भी ड्रोन बनाने की शुरुआत करेगा.

भारत को लगने लगा है कि निगरानी वाले ड्रोन की जगह सेना के पास हथियारबंद ड्रोन होने चाहिए. लिहाजा भारत अमेरिका से मिसाइल और लेजर गाइडेड बम से लैस ड्रोन खरीदने की तैयारी में है. जिससे LAC पर हिंदुस्तान की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. भारत, अमेरिका से 30 MQ-9B गार्डियन्स ड्रोन खरीदेगा.  30 गार्डियन्स की कीमत करीब 4 अरब डॉलर होगी. जल्द ही इस ड्रोन से जुड़ा प्रस्‍ताव आगे बढ़ाया जाएगा और कॉन्ट्रैक्‍ट साइन होने के कुछ दिनों के अंदर ही 6 ड्रोन भारत को मिल भी जाएंगे.

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गार्डियन्स ड्रोन ढाई टन तक के हथियार लेकर 40 हजार फीट तक उड़ सकता है. इसमें चाहे तो एयर-टू-एयर मिसाइल या लेजर गाइडेड बम भी रखे जा सकते हैं. इस ड्रोन की खासियत है कि ये सिर्फ खुफिया जानकारी ही नहीं जुटाता, बल्कि लक्ष्य का पता लगाकर उसे मिसाइल और लेजर गाइडेड बम से नष्ट कर देता है. फिलहाल भारत पूर्वी लद्दाख में इजराइली हेरॉन ड्रोन का इस्तेमामल करता है, जो कि निहत्था है. अब इसे भी अपग्रेड किया जाएगा.

भारत चाहता है कि इजरायल इन्हें अपग्रेड करके कम्यूनिकेशन के लिए सैटेलाइट से जोड़े. जिससे रियल टाइम जानकारी मिले. इतना ही नहीं भारत का फोकस मिडियम रेंज वाले ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम पर भी है. जिसे बनाने की जिम्मेदारी DRDO ने उठाई है. पूर्वी लद्दाख में पहाड़ों पर जबरन बैठे ड्रैगन के लिए ये बुरी खबर है. ये एक तरह से चीन के ताबूत में आखिरी कील की तरह है.