‘बड़ा युद्ध हो या छोटी मुठभेड़, वायु सेना तैयार है,’ कारगिल युद्ध पर बोले एयर चीफ बीएस धनोआ

बीएस धनोआ कारगिल युद्ध के दौरान 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर थे और उस दौरान श्रीनगर में तैनात थे. ऐसे में कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना के लिए आने वाली समस्याओं के बारे में भी उन्होंने अपने अनुभव साझा किए.

नई दिल्ली: कारगिल युद्ध के 20 साल पूरा होने के मौके पर एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा है कि झड़पों से लेकर एक पूर्ण युद्ध तक, भारतीय वायु सेना हर मौके के लिए पूरी तरह से तैयार है.

कारगिल के 20 वर्ष पूरे होने के लिए आयोजित एक सेमीनार में बोलते हुए, IAF प्रमुख बीएस धनोआ ने कहा कि IAF में अब सटीक बमबारी करने की क्षमता है, जैसा कि बालाकोट एयर स्ट्राइक में देखा गया था. उन्होंने बताया कि कारगिल के समय पर हमारी क्षमता सीमित थी.

कारगिल युद्ध के दौरान, सटीक बमबारी की क्षमताएं केवल मिराज-2000 पर मौजूद थीं. अब सुखोई-30, जगुआर, मिग -29 और मिग -27 जैसे अपग्रेडेड विमानों में ये क्षमताएं मौजूद हैं. उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल मिग-29, सुखोई-30 और मिराज-2000 विमान बीवीआर मिसाइल ले जाने में सक्षम हैं.

मालूम हो कि बीएस धनोआ कारगिल युद्ध के दौरान 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर थे और उस दौरान श्रीनगर में तैनात थे. ऐसे में कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना के लिए आने वाली समस्याओं के बारे में भी उन्होंने अपने अनुभव साझा किए.

उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध के बाद भारतीय वायु सेना की क्षमताओं में काफी बदलाव आया है ताकि युद्ध के पारंपरिक और उप-पारंपरिक डोमेन में किसी भी तरह के हवाई खतरे का मुकाबला किया जा सके.

एयर चीफ बीएस धनोआ के मुताबिक IAF के पास अब दुश्मन के इलाके के अंदर हवाई क्षेत्र की गहरी निगरानी करने की क्षमता है और यह नेटवर्क-केंद्रित युद्ध क्षमताओं के साथ सुरक्षित कम्युनिकेशन पर काम करता है.

ये भी पढ़ें: जानिए संशोधन के बाद कितना मजबूत होगा NIA बिल?