महज 35 घंटे की ट्रेनिंग और 7000 किमी की उड़ान, जांबाजी के लिए IAF चीफ ने पायलट्स को दी बधाई

जो पायलट्स राफेल को भारत लाए हैं उनमें, कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह, विंग कमांडर एमके सिंह, ग्रुप कैप्टन आर कटारिया, विंग कमांडर अभिषेक त्रिपाठी, विंग कमांडर सिद्धू, विंग कमांडर अरुण शामिल हैं.
Indian Air Force Chief Rafael, महज 35 घंटे की ट्रेनिंग और 7000 किमी की उड़ान, जांबाजी के लिए IAF चीफ ने पायलट्स को दी बधाई

राफेल लड़ाकू विमान ने जैसे ही हरियाणा के अंबाला की जमीन को छुआ, उसके चंद लम्हों बाद ही वायु सेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने फ्रांस से भारत तक राफेल को लाने वाले पायलट्स को बधाई दी. वायु सेना प्रमुख ने इन पायलट्स के प्रोफेशनलिज्म की सराहना की. दरअसल इन पायलट्स ने फ्रांस से भारत तक की यात्रा महज दो दिन में पूरी कर ली, जबकी इस तरह की उड़ानों में पहले कई दिन लग जाया करते थे.

भारतीय वायु सेना में मौजूद एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी को बताया, “पायलट्स के साथ मुलाकात के दौरान वायु सेना प्रमुख ने सभी पांच एयरक्राफ्ट्स को सुरक्षित भारत लाने के लिए दिखाए गए पायलट्स के प्रोफेशनलिज्म की सराहना की.” जो पायलट्स राफेल को भारत लाए हैं उनमें, कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह, विंग कमांडर एमके सिंह, ग्रुप कैप्टन आर कटारिया, विंग कमांडर अभिषेक त्रिपाठी, विंग कमांडर सिद्धू, विंग कमांडर अरुण शामिल हैं.

7000 किमी की उड़ान से पहले सिर्फ 35-40 घंटे मिली ट्रेनिंग

सूत्रों के मुताबिक ये सभी पायलट्स अलग-अलग फ्लीट के हैं और पहले इन्होंने राफेल से छोटी जनरेशन के एयरक्राफ्ट ही उड़ाए थे. इन्हें राफेल में एक स्टॉप के साथ 7,000 किलोमीटर की उड़ान भरने से पहले महज 35 से 40 घंटे की ही ट्रेनिंग मिली थी. मालूम हो कि पांचों राफेल विमानों ने 27 जुलाई को फ्रांस के मैरिग्नेक एयर बेस से उड़ान भरी थी और उसी दिन फ्रांस के टैंकर द्वारा एक बार उड़ान के दौरान ईंधन भरे जाने के बाद वो UAE के अल दाफरा एयर बेस पहुंच गए थे.

इसके बाद राफेल विमानों ने बुधवार की सुबह अल दाफरा से उड़ान भरी और उड़ान के बाद उन्होंने पश्चिमी अरब सागर में तैनात INS कोलकाता से संपर्क स्थापित किया. फिर इन विमानों ने दोपहर 3 बजे अंबाला में लैंड किया, जहां उनका स्वागत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने खुद किया. अब वायु सेना राफेल विमानों को बाकी की फ्लीट के साथ जोड़ने और जल्द से जल्द इन्हें परिचालन में लाने पर विचार करेगी.

Related Posts