दुश्मनों के होश उड़ाने वाले 8 अपाचे हेलिकॉप्टर वायुसेना में शामिल, ये हैं खूबियां

एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ की मौजूदगी में भारतीय वायुसेना को ये हेलीकॉप्टर्स सौंपे गये.

पठानकोट एयरबेस पर आज भारतीय वायुसेना के बेड़े में आठ अपाचे हेलीकॉप्टर शामिल हो गए हैं. अपाचे हेलीकॉप्टर्स के शामिल होने से वायुसेना की ताकत और बढ़ जाएगी. भारतीय वायुसेना की लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के लिए अमेरिका में बने ‘अपाचे एएच-64 ई लड़ाकू हेलीकॉप्टर मिल जाएंगे.

एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ की मौजूदगी में भारतीय वायुसेना को ये हेलीकॉप्टर्स सौंपे गये. अपाचे गार्जियन लड़ाकू हेलीकॉप्टर दुनिया के सबसे उन्नत तकनीक से लैस हैं और अमेरिकी सेना इसका इस्तेमाल करती है. भारत 14वां देश है जिसने उसे अपनी सेना के लिए अपाचे को चुना है.

तैनाती से पहले अपाचे हेलिकॉप्टर को वॉटर कैनन से सलामी दी गई. एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ और वेस्टर्न एयर कमांडर एयर मार्शल आर नांबियार ने अपाचे हेलिकॉप्टरों की पूजा की.

जिस पठानकोट में हिंदुस्तान के शूरवीर अभिनंदन ने उड़ान भरी, उसी पठानकोट एयरबेस पर आसमान के ऐसे सिकंदर को तैनात किया गया.

आखिर इस अपाचे हेलीकॉप्टर में ऐसी क्या खासियत है, जिसका नाम सुनते ही दुश्मन के पसीने छुट जाते हैं, आखिर आसमान का ये जंगी लड़ाका क्यों सबसे खतरनाक माना जाता है, इसकी ताकत और फाइटिंग स्कील क्या है, पहले आप ये भी जान लिजिए.

आसमान के ‘सिकंदर’ की खासियत

  • अपाचे टर्बोशफ्ट इंजन का 4 ब्लेड वाला अटैक हैलीकॉप्टर है.
  • अपाचे आसमान में 265 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ सकता है.
  • अपने सेंसर की मदद से ये रात में भी ऑपरेशन को अंजाम दे सकता है.
  • अपाचे हेलीकॉप्टर की रक्षा प्रणाली का कोई सानी नहीं है.
  • अपाचे की मदद से रॉकेट और मिसाइलों को कहीं भी ले जाया जा सकता है.
  • ये हेलीकॉप्टर मल्टि रोल कांबेट के तौर पर भी जाना जाता है.

भारतीय वायुसेना में शामिल होने वाला अपाचे AH-64E हेलीकॉप्टर का बेड़ा सेना की रक्षात्मक क्षमता को बढ़ाएगा. इससे भारतीय सेना को ज़मीन पर मौजूद ख़तरों से लड़ने में मदद मिलेगी. साथ ही सेना का आधुनिकीकरण भी होगा.

क़रीब 16 फ़ुट ऊंचे और 18 फ़ुट चौड़े अपाचे हेलीकॉप्टर को उड़ाने के लिए दो पायलट की जरूरत पड़ती है, इस हेलीकॉप्टर में दो इंजन होते हैं, जिसकी वजह से इसकी रफ्तार बाकी हेलीकॉप्टरों की तुलना में काफी ज्यादा होती है.

अपाचे हेलीकॉप्टर का डिज़ाइन ऐसा है कि इसे कोई भी रडार पकड़ नहीं सकता, यानी सेना एक बार फिर पाकिस्तान में घुस कर सर्जिकल स्ट्राइक कर सकती है. वहीं इस जंगबाज की सबसे खास बात ये है कि इस हेलीकॉप्ट से एंटी टैंक मिसाइल भी दागी जा सकती है.

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