भारत की धरती पर ऐसे होगा जांबाज का ‘अभिनंदन’

आज पूरा देश अपनी मिट्टी पर वापस आ रहे अभिनंदन का ‘अभिनंदन’ करेगा. तो आप जरूर जानना चाहेंगे कि आखिर एक सैनिक की स्वदेश वापसी का तरीका क्या होगा?

नई दिल्ली. विंग कमांडर अभिनंदन आज अपने देश लौट रहे हैं. भारतीय सख्ती और अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे पाकिस्तान ने उन्हें कब्जे में लेने के अगले ही दिन वापस करने की बात कह दी. ऐसे में ये जानना अहम है कि आखिर अभिनंदन की भारत वापसी की पूरी प्रक्रिया क्या होगी?

कुछ यूं होगी अभिनंदन की वापसी की प्रक्रिया

रक्षा मामलों के जानकार विश्वंभर दयाल के मुताबिक- पाकिस्तान ने जहां भी भारतीय विंग कमांडर को रखा है, वहां पहले उनका मेडिकल होगा. जिनेवा समझौते के मुताबिक इस मौके पर दोनों तरफ से एक-एक नॉमिनेटेड प्रतिनिधि होते हैं. लेकिन इस केस में कोई जरूरी नहीं है कि भारतीय प्रतिनिधि वहां हो. क्योंकि दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति नहीं है और दोनों ओर दूतावास काम कर रहे हैं.

इसके बाद आसार इसी बात के हैं कि अभिनंदन को लेकर पाकिस्तानी प्रतिनिधि ही वाघा बॉर्डर पर आएंगे. ज्यादा उम्मीद इसी बात की है कि उन्हें विशेष हेलिकॉप्टर के जरिये बॉर्डर तक लाया जाए. वाघा बॉर्डर पर पहले उनका मेडिकल होगा. उन्हें वापस लेने के लिए तब एयरफोर्स के अधिकारियों के साथ दूसरे ऑफिसर भी मौजूद होंगे.

अभिनंदन की घर वापसी के बाद क्या होगा?

देश आने के बाद अभिनंदन से वहां हुई तमाम घटनाओं की सिलसिलेवार जानकारी ली जाएगी. ये जानकारी बेहद जरूरी होती है. क्योंकि इसके जरिये ये समझने की कोशिश होती है कि कहीं दबाव में लेकर दुश्मनों ने देश को नुकसान पहुंचाने वाली किसी चीज की जानकारी तो नहीं ले ली है?

हालांकि इस बात के रत्ती भर आसार भी नहीं हैं कि दुश्मन देश उनसे कुछ भी ऐसी-वैसी जानकारी ले पाया होगा. क्योंकि अभिनंदन की जीवटता देश ने पाकिस्तानी धरती पर होते हुए भी दो मौकों पर देख ली थी. पहले तो पाकिस्तानियों के कब्जे में जाते-जाते हुए भी उन्होंने कुछ गोपनीय जानकारियों को नष्ट कर दिया. और जब उनके कब्जे में चले गए, तो भी पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों को खुद के बारे में कुछ बेहद सामान्य जानकारी से आगे कुछ भी बताने से साफ इनकार कर दिया.


अभिनंदन की दोबारा तैनाती कब?

इसके बाद देखा जाएगा कि विंग कमांडर अभिनंदन शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह से फिट हुए या नहीं? सेवा के लिए फिट होते ही दोबारा उनकी उपयुक्त जगह पर तैनाती कर दी जाएगी. हालांकि ऐसे मामलों के बाद इस बात के आसार बेहद कम रहते हैं कि ठीक वही जिम्मेदारी उन्हें दोबारा दी जाए.


माता-पिता करेंगे बेटे अभिनंदन की आगवानी

इस बीच विंग कमांडर अभिनंदन के माता-पिता बीती रात 1 बजे दिल्ली पहुंचे. यहां पहुंचने के बाद वे अमृतसर के लिए रवाना हो गए. ये दोनों अपने बेटे की पाकिस्तान से सकुशल वापसी के मौके पर वहां मौजूद होंगे. खास बात ये है कि अभिनंदन के पिता एस वर्तमान भी सेना को अपनी लंबी सेवा दे चुके हैं. कारगिल युद्ध के वक्त वह एयर मार्शल थे. जबकि अभिनंदन के दादा दूसरे विश्वयुद्ध के समय वायुसेना में थे. अभिनंदन की पत्नी भी एयरफोर्स में रहकर रिटायर हुई हैं.

युद्धबंदी की तरह ही माने जाएंगे अभिनंदन

इससे पहले अभिनंदन के मुद्दे पर एक चर्चा ये चली कि उन्हें युद्धबंदी माना जाएगा या नहीं? ये सवाल इसलिए था क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच घोषित युद्ध नहीं चल रहा है. फिर भी जिनेवा समझौता दो देशों के बीच किसी भी किस्म के सशस्त्र संघर्ष की स्थिति में लागू होता है. जैसा कि भारत और पाकिस्तान के मौजूदा हालात हैं.


पाकिस्तान पर था अभिनंदन को रिहा करने का दबाव

दरअसल, अभिनंदन के पाकिस्तानी सेना के कब्जे में जाते ही भारत ने कड़ा रुख अख्तियार किया था. भारत ने तभी आगाह कर दिया था कि एयरफोर्स के हमारे पायलट को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए. भारत ने तभी जिनेवा संधि की याद भी पाकिस्तान को दिला दी थी. इसके साथ ही पाकिस्तान पर भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव भी बना हुआ था. आखिरकार इन्हीं बातों के नतीजे में आज देश अपने विंग कमांडर के ‘अभिनंदन’ के लिए तैयार है.