LoC पर सर्दियों के लिए कैसी हैं तैयारियां… सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने लिया जायजा

इस साल जुलाई महीने तक घाटी में 2,662 सीजफायर उल्लंघन (Ceasefire Violations) की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जबकि पिछले साल 3,168 और 2018 में 1,629 सीजफायर उल्लंघन के मामले दर्ज किए गए थे.

भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Manoj Mukund Naravane) ने गुरुवार को नियंत्रण रेखा (LoC) पर सैनिकों की तैनाती और परिचालन (ऑपरेशनल) तैयारियों की समीक्षा की. नरवणे वर्तमान में जम्मू और कश्मीर के दो दिन के दौरे पर हैं. उन्होंने कश्मीर घाटी में चिनार कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बी.एस. राजू (BS Raju) से मुलाकात करके घाटी में और LoC पर मौजूदा हालात पर चर्चा की.

जनरल नरवणे ने नियंत्रण रेखा पर कठोर परिस्थितियों और दुर्गम इलाकों में तैनात सैनिकों के लिए सर्दियों की तैयारियों की भी जांच की. उन्होंने पाकिस्तान के किए गए लगातार संघर्ष विराम उल्लंघन (Ceasefire Violations) पर भी चर्चा की.

इस साल पाकिस्तान ने 2,662 बार तोड़ा सीजफायर

इस साल जुलाई महीने तक घाटी में 2,662 सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जबकि पिछले साल 3,168 और 2018 में 1,629 सीजफायर उल्लंघन के मामले दर्ज किए गए थे. इस साल जुलाई तक कुल 120 आतंकवादी-संबंधित मामले दर्ज किए गए हैं. वहीं पिछले साल इसी अवधि के दौरान (जनवरी से जुलाई के बीच) 188 मामले सामने आए थे. जुलाई तक 35 सुरक्षाकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान अपनी शहादत दी है और पिछले साल इसी अवधि के दौरान 75 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे.

चीनी सेना को असफल करने की रणनीति पर भी चर्चा

इस महीने की शुरुआत में जनरल नरवने ने लद्दाख (Ladakh) का दौरा किया और चीन के साथ सीमा पर तनाव के बीच परिचालन (Operational) तैयारियों की समीक्षा की. सेना प्रमुख ने चीनी सेना के प्रयासों को असफल करने की रणनीति के बारे में स्थानीय कमांडरों के साथ बड़ी चर्चा की.

वह आगे के स्थानों पर भी गए और सैनिकों से बातचीत की. दोनों देशों की सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पिछले चार महीने से गतिरोध (Deadlock) बना हुआ है. कई स्तरों की बातचीत के बाद भी कोई सफलता नहीं मिली है और गतिरोध जारी है.

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