जवानों के जज्बे को सलाम, देखें कैसे अमरनाथ यात्रियों पर गिरते पत्थरों के सामने चट्टान बन हुए खड़े, VIDEO

यात्रा के दौरान जब श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे थे, उसी दौरान पहाड़ियों में भूस्खलन हो गया और पत्थर के बड़े-बड़े टुकड़े मार्ग की तरफ तेजी से आने लगे. सुरक्षा में तैनात जवान पत्थर के भारी-भरकम टुकड़ों के सामने चट्टान की तरह खड़े हुए.

जम्मू कश्मीर: 45 दिनों तक चलने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा एक जुलाई से शुरू हो चुकी है. अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा में आईटीबीपी के जवान दिन-रात लगे हुए हैं. आईटीबीपी ने सोशल मीडिया में ऐसा वीडियो पोस्ट किया है. जिसको देखकर आपको अपने जवानों पर फक्र होगा.

यात्रा के दौरान जब श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे थे, उसी दौरान पहाड़ियों में भूस्खलन हो गया और पत्थर के बड़े-बड़े टुकड़े मार्ग की तरफ तेजी से आने लगे. सुरक्षा में तैनात जवान पत्थर के भारी-भरकम टुकड़ों के सामने चट्टान की तरह खड़े हो गए और बिना अपनी जान की परवाह किए पत्थरों को यात्रियों तक पहुंचने से रोकते रहे.

अमरनाथ यात्रा, जवानों के जज्बे को सलाम, देखें कैसे अमरनाथ यात्रियों पर गिरते पत्थरों के सामने चट्टान बन हुए खड़े, VIDEO

वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा है कि भूस्खलन के बाद पत्थर का टुकड़ा तेजी से नीचे की तरफ गिरता है और यात्रा मार्ग की तरफ आने लगता है. जिस वक्त पत्थर का वो भारी-भरकम टुकड़ा नीचे की तरफ लुढ़क रहा था उस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मार्ग से गुजर रहे थे. आईटीबीपी के जवानों ने यह देखकर तुरंत मार्ग से दूर मानव श्रृंखला बनाई और पत्थर के टुकड़े को मार्ग पर गिरने से रोक दिया.

अगर वह पत्थर का टुकड़ा नीचे की तरफ यात्रा मार्ग पर गिरता तो निश्चित तौर कुछ श्रद्धालुओं की जान चली जाती और कुछ लोग घायल हो जाते. लेकिन आईटीबीपी के जवानों की मुस्तैदी काम आई और श्रद्धालु बाल-बाल बच गए. इस पूरे वाकये के वीडियो को आईटीबीपी के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया है जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग आईटीबीपी के जवानों की बहादुरी की तारीफ करते हुए उन्हें सलाम कर रहे हैं.

अमरनाथ यात्रा, जवानों के जज्बे को सलाम, देखें कैसे अमरनाथ यात्रियों पर गिरते पत्थरों के सामने चट्टान बन हुए खड़े, VIDEO

अमरनाथ यात्रियों को ऑक्सीजन की कमी हो रही है जिसके चलते भारतीय जवान लगातार उनको ऑक्सीजन मास्क के जरिए उनकी मदद कर रहे हैं. पवित्र गुफा कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. जहां पर ऑक्सीजन की कमी हो जाती है. आतंकवादी घटना से निपटने के लिए जवानों ने थ्री लेयर सुरक्षा का भी बंदोबस्त किया है.