युद्ध के लिए हथियारों का स्टॉक तैयार कर रही सेना, चीन और पाकिस्तान की बढ़ेगी टेंशन

इसकी खास बात यह है कि 40 दिन के स्टॉक में सेना लगातार 10 दिन तक बिना रुके युद्ध लड़ सकती है. यह स्टॉक 2022 से 2023 तक तैयार कर लिया जाएगा.

भारतीय सेना 40 दिनों तक युद्ध लड़ने के लिए हथियारों का स्टॉक तैयार कर रही है. इस स्टॉक में सेना के लिए रॉकेट और मिसाइल से लेकर हाई केलीबर टैंक और उनके गोला बारूद बनाए जाएंगे. इसकी खास बात यह है कि 40 दिन के स्टॉक में सेना लगातार 10 दिन तक बिना रुके युद्ध लड़ सकती है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि सेना के लिए तैयार होने वाले यह स्टॉक “10 (I) लेवल” के होंगे. इसका मतलब है लगातार 10 दिनों की लड़ाई के लिए पूरा स्टॉक करना. यह स्टॉक 2022 से 2023 तक तैयार कर लिया जाएगा.

इन स्टॉक्स को तैयार करने का मतलब यह नहीं कि सेना के पास अब तक युद्ध के लिए हथियार नहीं थे. यह स्टॉक खासकर पाकिस्तान और चीन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है. सेना में कई महत्वपूर्ण हथियारों की मात्रा में पहले से ही काफी कमी भी है.

सेना का अगला टारगेट 40 (I) लेवल का स्टॉक 

सूत्रों के मुताबिक, सेना का अगला टारगेट इनमें से कुछ जरूरी हथियारों का 40 (I) लेवल का स्टॉक तैयार करना है. क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में सभी तरह के गोला-बारूद की अभी जरूरत नहीं है. इतना बड़ा स्टॉक रखना किसी भी तरह संभव नहीं है.

1700 करोड़ के नए हथियारों का कॉन्ट्रैक्ट 

इसके साथ ही रक्षा मंत्रालय 2022-2023 के बीच डोमेस्टिक प्राइवेट सेक्टर और फॉरेन कोलेबोरेशन को आठ अलग-अलग टैंक, आर्टिलरी और इन्फेंट्री के हथियार बनाने का कॉन्ट्रैक्ट भी देगा. जिसका बजट करीब 1700 करोड़ रुपए होगा.

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