भारतीय सेना ने कहा- सोशल मीडिया पर आर्मी अफसर के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा पाकिस्तान

भारतीय सेना ने कहा, "देश के भीतर धर्म आधारित असहमति को भड़काने में लगातार असफल होने के बाद, पाकिस्तान एक हताश प्रयास में, अब भारतीय सेना के भीतर एक विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहा है."

भारतीय सेना ने गुरुवार को एक बयान जारी किया है. इसमें कहा गया, ‘पाकिस्तान अपने दुर्भावनापूर्ण अभियान के माध्यम से सैन्य बल को बदनाम करने और उसके भीतर फूट पैदा करने के प्रयास कर रहा है.’

भारतीय सेना ने बताया कि पाकिस्तान (Pakistan) की ओर से पिछले कुछ दिनों में भारतीय सेना के खिलाफ और विशेष रूप से सैन्य मामलों के विभाग (DMA) में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल तरनजीत सिंह के खिलाफ एक दुष्प्रचार अभियान सोशल मीडिया पर चलाया गया है.

भारतीय सेना (Indian Army) ने कहा, “देश के भीतर धर्म आधारित असहमति को भड़काने में लगातार असफल होने के बाद, पाकिस्तान एक हताश प्रयास में, अब भारतीय सेना के भीतर एक विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहा है.”

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भारतीय सेना संस्थान को बदनाम करने के ऐसे प्रयास को स्पष्ट रूप से खारिज किया है. बयान में कहा गया है कि भारतीय सेना एक धर्मनिरपेक्ष संगठन है और सभी अधिकारी और सैनिक अपने धर्म, जाति, पंथ या लिंग के बावजूद राष्ट्र की सेवा करते हैं.

पाकिस्तान सोशल मीडिया पर एक अभियान चला रहा है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल तरनजीत सिंह को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के आदेश पर हिरासत में लिया गया है. पाकिस्तान प्रायोजित अभियान ने कहा गया है, “आखिरकार भारतीय सेना अंत की ओर बढ़ रही है.” (आईएएनएस इनपुट के साथ)

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