M777: चीन से लगे बॉर्डर की सुरक्षा के लिए इंडियन आर्मी ने बनाया ‘गेमचेंजर’ प्‍लान

नवंबर 2016 में भारत ने अमेरिका से 145 M777 अल्‍ट्रा-लाइट होवित्‍जर्स मंगवाई थीं. इनकी रेंज 24 से 30 किलोमीटर के बीच है.
M777, M777: चीन से लगे बॉर्डर की सुरक्षा के लिए इंडियन आर्मी ने बनाया ‘गेमचेंजर’ प्‍लान

चीन से लगे बॉर्डर को सिक्‍योर करने का इंडियन आर्मी ने ‘गेमचेंजर’ प्‍लान बनाया है. पूर्वी अरुणाचल प्रदेश में नई M777 अल्‍ट्रा-लाइट होवित्‍जर्स तैनात की जाएंगी. पहाड़ों से घिरे बॉर्डर में ये तोपें आर्मी को आर्टिलरी फायर सपोर्ट देंगी. यह कदम इस सेक्‍टर में ‘गेमचेंजर’ साबित हो सकता है. बोइंग CH-47F (I) चिनूक हेलिकॉप्‍टर्स के जरिए इनकी तैनाती की वकालत सेना के अधिकारी भी कर रहे हैं.

नवंबर 2016 में भारत ने अमेरिका से 145 होवित्‍जर्स मंगवाई थीं. यह सौदा 750 मिलियन डॉलर (करीब 53,23,31,25,000 रुपये) में हुआ था. M777 सेना के फील्‍ड आर्टिलरी को मजबूत करने के प्‍लान का हिस्‍सा है. उत्‍तरी और पूर्व सेक्‍टर्स में 145 होवित्‍जर्स के लिए सात नई रेजीमेंट्स बनाई जाएंगी.

M777 को बनाने वाली BAE सिस्‍टम्‍स हमें 25 होवित्‍जर्स देगी. बाकी 120 को ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में बनाया जाएगा. सभी तोपें 2021 के आखिर तक सेना को मिल जाने की उम्‍मीद है.

क्‍यों खास है M777 अल्‍ट्रा-लाइट होवित्‍जर तोपें?

155 mm/39-कैलिबर की तोपों को हेलिकॉप्‍टर से लटका कर ले जाया जा सकता है. इससे पहाड़ी इलाकों में इन्‍हें तैनात करने में ज्‍यादा समय नहीं लगता. इनकी रेंज 24 से 30 किलोमीटर के बीच होती है. चीन से लगती लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (LAC) के करीब वाले इलाकों में होवित्‍जर के जरिए किसी भी आक्रमण का फौरन जवाब दिया जा सकेगा.

टाइटेनियम अलॉय से बनी सिर्फ 4,218 किलो की यह तोप अभी उत्‍तरी और पूर्वी सेक्‍टर में तैनात तोपों के आधे वजन की है. बोफोर्स स्‍कैंडल के बाद M777 पहली ऐसी आर्टिलरी तोप थी जिसका ऑर्डर भारत ने दिया. पिछले साल दिसंबर में, तत्‍कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे देश को सौंपा था.

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