दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोत USS निमित्ज के साथ भारतीय नौसेना ने किया सैन्य अभ्यास

USS निमित्ज दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोत है और दोनों सेनाओं के बीच हुए इस अभ्यास की अहमियत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि ये ऐसे समय णें हुआ है जब पूर्वी लद्दाख और दक्षिण चीन सागर में चीन की सेना आक्रामक रूख अपनाए हुए है.
Indian Navy exercise with USS Nimitz, दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोत USS निमित्ज के साथ भारतीय नौसेना ने किया सैन्य अभ्यास

पूर्वी लद्दाख इलाके में चीन से लगी सीमा पर तनावपूर्ण हालात के बीच भारतीय नौसेना के युद्धपोतों के एक बेड़े ने परमाणु क्षमता से लैस USS निमित्ज की अगुवाई में अमेरिकी नौसेना के एक समूह के साथ हिंद महासागर में अंडमान निकोबार द्वीप समूह तट के पास सोमवार को सैन्य अभ्यास किया. अधिकारियों ने बताया कि भारतीय नौसेना के चार युद्धपोतों ने ‘पासेक्स’ अभ्यास में भागीदारी की. यह सैन्य अभ्यास ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप दक्षिण चीन सागर से होते हुए हिंद महासागर क्षेत्र होकर गुजर रहा था.

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मालूम हो कि USS निमित्ज दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोत है और दोनों सेनाओं के बीच हुए इस अभ्यास की अहमियत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि ये ऐसे समय णें हुआ है जब पूर्वी लद्दाख और दक्षिण चीन सागर में चीन की सेना आक्रामक रूख अपनाए हुए है. जहां एक तरफ पूर्वी लद्दाख में भारत उसका डटकर सामना कर रहा है तो दूसरी तरफ दक्षिण चीन सागर में अमेरिका उसको रोक रहा है. बता दें कि पिछले महीने भारत ने जापान की नौसेना के साथ भी सैन्य अभ्यास किया था.

चीन के खिलाफ अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और फ्रांस बढ़ा रहे हैं सहयोग

भारतीय नौसेना ने पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ लगी सीमा पर गतिरोध के मद्देनजर हिंद महासागर क्षेत्र में अपने निगरानी अभियान और परिचालन तैनाती को बढ़ा दिया है. अधिकारियों का कहना है कि तेजी से उभरते क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य के मद्देनजर भारतीय नौसेना, अमेरिकी नौसेना और जापान समुद्री सुरक्षा बल जैसे मित्र नौसैन्य बलों के साथ अपने परिचालन सहयोग को भी बढ़ाया है.

चीन की नौसेना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और फ्रांस की नौसेनाओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने आपसी सहयोग को गहरा किया है. पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ने के बाद सरकार ने सेना के तीनों अंगों को हाई अलर्ट पर रखा है. भारतीय नौसेना को हिंद महासागर के उन क्षेत्रों में चौकसी बढ़ाने को कहा गया है जहां पर चीनी नौसेना से अक्सर उसका सामना होता है.

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