Coronavirus: जनता कर्फ्यू से लगेगा पैसेंजर ट्रेनों पर ब्रेक, जानें कब से कब तक बंद रहेगी आवाजाही

इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (indian railway catering and tourism corporation) ने बताया है कि मेल और एक्सप्रेस ट्रेन में कैटरिंग की सुविधा अगले आदेश तक के लिए बंद कर दी गई है.
Indian Railway canceled, Coronavirus: जनता कर्फ्यू से लगेगा पैसेंजर ट्रेनों पर ब्रेक, जानें कब से कब तक बंद रहेगी आवाजाही

21 मार्च को लगने वाले जनता कर्फ्यू को देखते हुए इंडियन रेलवे ने बड़ा फैसला किया है. इंडियन रेलवे (Indian Railway) ने 21 मार्च की आधी रात (12 बजे) से 22 मार्च रात 10 बजे तक खुलने वाली सभी पैसेंजर ट्रेनों (Passenger Train) को रद्द कर दिया है. हालांकि वो ट्रेनें जो सुबह सात बजे खुल चुकी होंगी वह अपने गंतव्य स्थान तक बिना रुकावट के पहुंच सकती हैं.

ट्रेन में कैटरिंग की सुविधा भी बंद

इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IRCTC) ने बताया है कि मेल और एक्सप्रेस ट्रेन में कैटरिंग की सुविधा अगले आदेश तक के लिए बंद कर दी गई है. आईआरसीटीसी का कहना है कि फूड प्लाजा, रिफ्रेशमेंट रूम, जन आहार और सेल किचन भी बंद रहेगी.


सूत्रों के मुताबिक, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी सुबह 4 बजे रोक दी जाएंगी. इसके साथ ही उपनगरीय (लोकल) ट्रेन सेवाओं को घटाकर न्यूनतम स्तर पर लाया जाएगा. रेल अधिकारियों के मुताबिक, जनता कर्फ्यू के दौरान कुल 2400 यात्री ट्रेनें नहीं चलेंगी. इनमें 1300 मेल एक्सप्रेस गाड़ियां, पैसेंजर ट्रेनें और बड़ी संख्या में उपनगरीय ट्रेनें शामिल हैं.

कोरोना वायरस को देखते हुए रेलवे पहले ही गैर जरूरी यात्रा टालने के लिए 245 यात्री गाड़ियां रद्द कर चुका है. मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में ऑन बोर्ड कैटरिंग सर्विस को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है.

पीएम मोदी ने की ‘जनता कर्फ्यू’ की अपील

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना वायरस संकट को लेकर आगामी 22 मार्च को सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक ‘जनता कर्फ्यू’ का आह्वान किया है. पीएम मोदी कहा कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को छोड़कर किसी को भी घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए.

उन्होंने गुरुवार (19 मार्च) को करीब 30 मिनट के राष्ट्रीय संबोधन में सभी भारतीयों से अपील की कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए यथासंभव घरों के अंदर ही रहें और कहा कि दुनिया में कभी इतना गंभीर खतरा पैदा नहीं हुआ.

प्रधानमंत्री ने अपने कोरोना वायरस महामारी संकट पर अपने संदेश में कहा था कि यह सोचना सही नहीं है कि सब ठीक है. उन्होंने इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए लोगों से केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा जारी परामर्शों का पालन करने का अनुरोध किया.

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