1 घंटे में 160 किमी की दूरी तय करेंगी पैसेंजर ट्रेनें, रेलवे ने इस रूट पर शुरू किया प्रोजेक्ट

रेलवे बोर्ड (Railway Board) की पिछले दिनों हुई बैठक में रेल मंत्रालय ने 'मिशन 160' के टारगेट को मार्च 2022 तक पूरा करने का प्लान तैयार किया है.
indian railways train speed, 1 घंटे में 160 किमी की दूरी तय करेंगी पैसेंजर ट्रेनें, रेलवे ने इस रूट पर शुरू किया प्रोजेक्ट

भारतीय रेलवे (Indian Railways) जल्द ही एक और उपलब्धि हासिल करने वाला है. रेल मंत्रालय (Rail Ministry) ने मार्च 2022 तक दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रूट पर चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों (Passenger trains) की स्पीड को 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ाने के लिए एक खास टारगेट रखा है.

रेलवे बोर्ड (Railway Board) की हालिया बैठक में, रेल मंत्रालय ने ‘मिशन 160’ के टारगेट को मार्च 2022 तक पूरा करने का प्लान तैयार किया है. नए टारगेट के मुताबिक रेलवे ने दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा दोनों मार्गों पर यात्री ट्रेनों के लिए 160 किलोमीटर प्रति घंटा एवरेज स्पीड रखने का प्लान तैयार किया है.

वर्तमान में, ये दोनों रूट केवल 130 किमी प्रति घंटे की औसत गति से ट्रेनें चलाने के लिए फिट हैं. इस टारगेट को पूरा करने के लिए मंत्रालय ने एक रोडमैप भी तैयार किया है. ट्रैक के रख-रखाव से लेकर पूरे रेल मार्ग की फेंसिंग लगाना इस प्लान का हिस्सा है.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे

इन रूट पर चलने वाली ट्रेनों की कम संख्या को ध्यान में रखते हुए, रेलवे ने गति बढ़ाने की प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के लिए कहा है. रेल मंत्रालय ने सभी संबंधित विभागों को भी एक लेटर भी भेजा है.

उत्तर रेलवे को 160 किमी प्रति घंटे की स्पीड से ट्रेन संचालन के लिए बुनियादी ढांचे की अपग्रेडिंग डिटेल तैयार कर प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए कहा गया है ताकि अगले महीने से काम शुरू हो सके.

इस टारगेट को जल्द पूरा करने के लिए रेलवे की हर हफ्ते बैठक होगी. इसमें 160 किमी स्पीड प्रोजेक्ट पर चर्चा होगी. केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की थी. उन्होंने बोर्ड के अधिकारियों और जोनल अधिकारियों को काम संभालने का निर्देश दिया था.

अन्य ज़ोन द्वारा भी इसी तरह के निर्देश जारी किए गए हैं, उत्तर मध्य क्षेत्र ने संबंधित विभागों को आदेश जारी किए हैं. जिसमें कहा गया है कि वर्तमान में कम संख्या में ट्रेनें पटरियों पर चल रही हैं और इस अवसर का अधिकतम उपयोग करना चाहिए.

Related Posts