रेलवे को मिली अपनी कमांडो यूनिट, कश्‍मीर जैसे इलाकों में ट्रेनें सेफ रखेंगे CORAS

इन CORAS कमांडोज को लैंडमाइन्‍स, होस्‍टेज रेस्‍क्‍यू, स्‍नाइपिंग, ब्रीचिंग और इम्‍प्रूव्‍ड एक्‍सप्‍लोसिव डिवाइसेज (IED) से जुड़ी ट्रेनिंग मिली है.

नई दिल्‍ली: भारतीय रेलवे को अपनी खुद ही कमांडो यूनिट मिलनी जा रही है. 1,200 स्‍पेशली-ट्रेन्‍ड कमांडोज को संवेदनशील रेल सेक्‍टर्स में तैनात किया जाएगा. इनमें जम्‍मू-कश्‍मीर, नक्‍सल प्रभावित जिले और उत्‍तर-पूर्वी राज्‍य शामिल हैं. टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्‍ली में 14 अगस्‍त को इन कमांडोज फॉर रेलवे सेफ्टी (CORAS) की पहली बटालियन लॉन्‍च की जाएगी.

क्‍यों खास हैं CORAS?

CORAS के कमांडोज को अभी और ट्रेन किया जाएगा. उन्‍हें लैंडमाइन्‍स, होस्‍टेज रेस्‍क्‍यू, स्‍नाइपिंग, ब्रीचिंग और इम्‍प्रूव्‍ड एक्‍सप्‍लोसिव डिवाइसेज (IED) हैंडल करने में स्‍पेशलाइज्‍ड ट्रेनिंग मिलेगी. साथ ही उन्‍हें बेसिक और एडवांस्‍ड कमांडो ट्रेनिंग प्रोग्राम से भी गुजरना होगा.

CORAS में RPF और रेलवे प्रोटेक्‍शन स्‍पेशल फोर्स (RPSF) के जवान होंगे. उन्‍हें बुलेट-प्रूक जैकेट्स और हेलमेट्स के साथ स्‍पेशल यूनिफॉर्म दी जाएगी. इसको RPF के डीजी ही लीड करेंगे.

CORAS को NSG एकेडमी और ग्रेहाउंड्स में ट्रेन‍िंग मिली है. दोनों ही स्‍पेशल फोर्सेज नक्‍सलियेां के खिलाफ एंटी-इनसर्जेंसी ऑपरेशंस में स्‍पेशलिस्‍ट हैं. अभी यह पता नहीं चला है कि किस इलाके में कितने कमांडो भेजे जाएंगे.

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) महानिदेशक अरुण कुमार ने TOI से कहा, “उन्‍हें रेल होस्‍टेज या रेल ब्‍लॉकेड जैसे क्राइसिस से निपटने की स्‍पेशल ट्रेनिंग मिली है. ये कमांडो फिजिकली ज्‍यादा फिट हैं और मॉडर्न वेपन्‍स इस्‍तेमाल करते हैं. हम उन्‍हें सेंसेटिव सेक्‍टर्स में तैनात करेंगे.” RPF महानिदेशक ने बताया कि RPSF की 14 और RPF की एक बटालियन को CORAS में कन्‍वर्ट कर दिया गया है.

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