• Home  »  देश   »   अप्रैल से अगस्त के बीच चीन से भारत का आयात कितना घटा, सरकार ने लोकसभा में दी जानकारी

अप्रैल से अगस्त के बीच चीन से भारत का आयात कितना घटा, सरकार ने लोकसभा में दी जानकारी

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (piyush goyal) ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि अगस्त में चीन से 4.98 अरब डॉलर का आयात हुआ.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 9:42 pm, Mon, 21 September 20
piyush goyal
पीयूष गोयल (फाइल फोटो)

सरकार ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि इस वित्त वर्ष में अप्रैल से अगस्त के बीच चीन से भारत के आयात (India Chinese imports) में पिछले साल की तुलना में 27.63 प्रतिशत की कमी आई है. वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (piyush goyal) ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि अगस्त में चीन से 4.98 अरब डॉलर का आयात हुआ, वहीं जुलाई में 5.58 अरब डॉलर का आयात हुआ था.

गोयल ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2020-21 में अप्रैल से अगस्त के बीच चीन से भारत के आयात में पिछले साल इसी अवधि की तुलना में 27.63 प्रतिशत की कमी आई है.’ एक अन्य सवाल के जवाब में पीयूष गोयल ने कहा कि चीन को दिये गये ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ (एमएफएन) के दर्जे को वापस लेने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.

‘श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिये 61.19 लाख यात्रियों को पहुंचे अपने घर’

इससे पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि एक मई से 31 अगस्त 2020 तक चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिये 61.19 लाख यात्रियों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाया गया. लोकसभा में तेजस्वी सूर्या, अजय मिश्र टेनी, प्रताप सिम्हा, रीती पाठक और अपराजिता सारंगी के सवालों के लिखित जवाब में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी दी.

गोयल ने कहा, ‘कोविड-19 वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने के लिये 23 मार्च से भारतीय रेलवे ने सभी यात्री गाड़ियां रद्द कर दी थीं. बहरहाल, फंसे हुए व्यक्तियों की आवाजाही की तात्कालिक आवश्यकता को देखते हुए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को मिशन मोड में चलाया गया था.’

उन्होंने कहा, ‘एक मई से 31 अगस्त 2020 तक चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिये 61.19 लाख यात्रियों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाया गया.’ रेल मंत्री ने कहा कि एक मई से 31 अगस्त 2020 तक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलाने के लिये राज्य सरकारों और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों से लगभग 433 करोड़ रूपये किराया वसूल किया गया.

उन्होंने कहा कि रेलवे ने श्रमिक स्पेशल गाड़ियां चलाने पर किये गए खर्च की कुछ हद तक भरपाई की है और इसके फलस्वरूप इन गाड़ियों के परिचालन से हानि हुई है.