लड़ाकू विमान तेजस ने की ‘अरेस्ट लैंडिंग’, नौसेना में शामिल होने के लिए तैयार

तेजस काफी फुर्तीला और मल्टीरोल फाइटर जेट है, जिसने एक परीक्षण के दौरान उतरने के बाद तेजी से रुकने के लिए फ्यूसलेज से बंधे हुक के जरिए तारों को पकड़ा.

पूरी तरह से भारत में ही बना लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) का नौसैनिक (Naval) संस्करण, तेजस देश का पहला ऐसा विमान है जिसने सफलतापूर्वक “अरेस्ट लैंडिंग” की है. इसे नौसेना के साथ सेवा के लिए तैयार किया जा रहा है और अरेस्ट लैंडिंग इस ओर बढ़ने के हिसाब से काफी बड़ा कदम है. किसी भी विमानवाहक पोत के डेक पर बंधे तार को पकड़ते हुए विमान जब लैंडिंग करते हैं तो इस पूरी प्रक्रिया को अरेस्ट लैंडिंग कहते हैं.

तेजस काफी फुर्तीला और मल्टीरोल फाइटर जेट है, जिसने एक परीक्षण के दौरान उतरने के बाद तेजी से रुकने के लिए फ्यूसलेज से बंधे हुक के जरिए तारों को पकड़ा. मालूम हो कि किसी भी लड़ाकू विमान को युद्धपोत पर उतरने के लिए ज्यादा दूरी नहीं मिलती है इसलिए उसे झटके से और काफी कम दूरी में ही उतरना होता है.

युद्धपोत पर उतरने वाले इसी परीक्षण में तेजस ने सफलता हासिल की. ये परीक्षण गोवा के समुद्रतट पर शुक्रवार को हुआ. गोवा समुद्र तट पर बने टेस्टे फैसेलिटी पर हुए इस परीक्षण में बिलकुल युद्धपोत जैसे हालातों में तेजस ने लैंडिंग की. बहुत कम ही ऐसे विमान होते हैं जो अरेस्ट लैंडिंग करने में कामयाब हुए हैं. अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन के विमान ही इस कारनामे को अंजाम देने में सफल हुए हैं.

टेस्ट फैसेलिटी में बार-बार परीक्षण में सफल होने के बाद ही ये तय हो सकेगा कि क्या यह हल्का लड़ाकू विमान किसी भी विमानवाहक पोत के डेक पर अरेस्ट लैंडिंग कर सकता है. परीक्षणों में सफल होने के बाद ही नौसेना इसे अपने बेडे़ में शामिल करने से संबंधित अगला कदम उठाएगा.

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