फ्लाइट हाईजैकिंग के खिलाफ नए कानून के तहत पहली सजा, जानिए पुराने कानून के मुकाबले कितना सख्त?

देश में नया एंटी हाईजैकिंग कानून लागू हो चुका है. कानून का पहला कोड़ा बिरजू सल्ला नाम के आदमी को पड़ा है. पढ़िए नया कानून पुराने के मुकाबले कितना सख्त है.

मुंबई में जेट एयरवेज प्लेन हाईजैक मामले में बिरजू सल्ला को NIA कोर्ट ने बेहद सख्त सज़ा सुनाई है. बिरजू सल्ला ने 30 अक्टूबर 2017 को जेट एयरवेज़ की उस  फ्लाइट में बम रखे होने की झूठी जानकारी दी थी जो मुंबई से दिल्ली जा रही थी. ऐसा करने के पीछे सल्ला का मकसद था कि जेट एयरवेज़ बदनाम हो जाए और उसका दिल्ली ऑफिस बंद कर दिया जाए. सल्ला को लगता था कि ऐसा होने से उसकी गर्लफ्रेंड जो जेट एयरवेज़ के दिल्ली दफ्तर में काम करती थी उसका ट्रांसफर मुंबई में हो जाएगा.

इसी मकसद से सल्ला ने जो कुछ किया वो उसे बेहद महंगा पड़ा. हो सकता है कि ये अपराध करते हुए सल्ला को ख्याल भी ना हो कि जुलाई 2017 के बाद आया नया विमान अपहरण रोधी कानून उस पर लागू होगा.

बिरजू को NIA अदालत ने नए कानून के मुताबिक उम्रकैद सुनाई है, साथ ही पांच करोड़ का जुर्माना ठोका है. इसके अलावा कोर्ट ने उस फ्लाइट के पायलट और को-पायलट को 1-1 लाख रुपए, एयर होस्टेस को 50-50 हजार रुपए और हर यात्री को 25-25 हजार रुपए का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है. सल्ला को ‘नेशनल नो फ्लाई’ लिस्ट में भी डाल दिया गया.

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क्या कहता है नया कानून?

विमान अपहरण रोधी कानून सरकारी अधिसूचना के बाद साल 2017 के जुलाई महीने में लागू किया गया था. इस कानून में किसी भी व्यक्ति की मौत की स्थिति में मृत्युदंड तक का प्रावधान है. 2016 के विमान अपहरण रोधी अधिनियम के आने से पहले 1982 का पुराना कानून चल रहा था.

पुराने कानून के हिसाब से बंधकों जिनमें विमान के चालक दल के सदस्यों, यात्रियों और सुरक्षाकर्मियों की मौत की स्थिति में ही अपहरणकर्ताओं के खिलाफ सुनवाई हो सकती थी लेकिन नए कानून में विमान में सवार सुरक्षाकर्मियों या ग्राउंड सपोर्ट स्टाफ की मौत की स्थिति को भी शामिल किया गया है.

विमान अपहरण के अन्य मामलों में दोषी के अधिकार वाली चल-अचल संपत्ति को जब्त करने के अलावा उसे उम्रकैद और जुर्माने की सजा का भी प्रावधान है. धमकी, अपराध को अंजाम देने का प्रयास या इसके लिए उकसाने समेत विमान अपहरण की व्याख्या के अंदर कई कृत्यों को शामिल किया गया है. इस कानून के तहत जो भी ऐसा कोई अपराध करता है या ऐसे अपराध के लिए अन्य लोगों को प्रेरित करता है, उसे विमान अपहरण के अपराध का दोषी समझा जाएगा.