भारत की इकॉनमी 300 सालों में सबसे मजबूत, मंदी की आहट के बीच बोले नारायण मूर्ति

आईटी कंपनी इन्‍फोसिस के को-फाउंडर एनआर नारायणमूर्ति का मानना है कि भारत ने 300 सालों में पहली बार एक ऐसा आर्थिक माहौल बनाया है जो विश्वास और आशावाद को जन्म देता है.

नई दिल्ली: देश की इकॉनमी में मंदी की चर्चाएं चल रहीं हैं, लेकिन इस बीच इन्फोसिस के सह-संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति की अलग राय सामने आई है. देश की दिग्‍गज आईटी कंपनी इन्‍फोसिस के को-फाउंडर एनआर नारायण मूर्ति का मानना है कि भारत ने 300 सालों में पहली बार एक ऐसा आर्थिक माहौल बनाया है जो विश्वास और आशावाद को जन्म देता है. इस माहौल के जरिए गरीबी को खत्‍म किया जा सकता है और भारत का बेहतर भविष्य हो सकता है.

गोरखपुर में मदन मोहन मालवीय टेक्निकल यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में नारायण मूर्ति ने यह बात कही. नारायणमूर्ति ने आगे कहा, ” हमारी अर्थव्यवस्था इस साल 6 से 7 फीसदी की दर से बढ़ रही है.

भारत दुनिया का सॉफ्टवेयर विकास केंद्र बन गया है. वहीं विदेशी मुद्रा भंडार ने 400 बिलियन डॉलर को पार कर लिया है. इन हालातों में निवेशक का विश्वास ऐतिहासिक ऊंचाई पर है.”

”यदि हम जमकर प्रयास करें तो हम गरीब बच्चों की आंखों के आंसू पोंछ सकते हैं, जैसा कि महात्मा गांधी चाहते थे.’ नारायण मूर्ति ने हर नागरिक के लिए अच्छी स्थिति पैदा करने को देशभक्ति करार देते हुए कहा कि सिर्फ मेरा भारत महान और जय हो कहना ही देशभक्ति नहीं है.

नारायण मूर्ति ने कहा कि देशभक्ति का अर्थ राष्ट्र के लिए काम करना है. निजी हित से हमेशा देश को पहले रखना है. उन्होंने कहा, ‘हमें अपने अहंकार और पूर्वाग्रहों को छोड़कर हर स्थिति में राष्ट्र को ही सर्वप्रथम रखना चाहिए. हमें खुद को पहले भारतीय के रूप में पहचानना होगा और राज्यों, धर्म और जाति से ऊपर उठना होगा.”

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