कांग्रेस के गौरव गोगोई समेत इन सांसदों के खिलाफ हो सकती है कड़ी कार्रवाई, लोकसभा की सदस्यता पर खतरा!

सरकार के संसदीय कार्यमंत्री की मांग पर गुरुवार को जांच कमेटी गठित की गई है. यह कमेटी संसद में लगे कैमरे के जरिए फुटेज की जांच करेगी कि सदन में किसने क्या किया? सदन का अपमान और बदसलूकी किसने की.
Action on seven MPs of Congress, कांग्रेस के गौरव गोगोई समेत इन सांसदों के खिलाफ हो सकती है कड़ी कार्रवाई, लोकसभा की सदस्यता पर खतरा!

लोकसभा स्पीकर (Lok Sabha Speaker) ने गुरुवार को सदन में हंगामे और बदसलूकी की वजह से कांग्रेस के सात सांसदों को सदन से निलंबित कर दिया था. इनमें गौरव गोगोई, टीएन प्रथपन, डीन कुरीकोस, आर उन्नीथन, मनिकम टैगोर, बेनी बेहान और गुरजीत सिंह औजला शामिल हैं जिन्हें निलंबित किया था.

दरअसल, गुरुवार को लोकसभा में 2 बार टेबल ऑफिस से कागज खींचा गया और सदन की कार्यवाही चलाने के लिए स्पीकर की कुर्सी पर बैठे मेरठ के सांसद अग्रवाल के पास से कागज खींचा और फेंका गया. ऐसा ही वाकया सदन में रमा देवी के साथ भी हुआ. एक बार कागज मार्शल के हाथ से खींचा और फेंका गया.

इन्क्वायरी कमेटी गठित

इससे पहले गुरुवार सुबह, स्पीकर की कुर्सी पर बैठे बीजेडी के भर्तृहरि मेहताब की भी बेइज्जती की गई. उनको कांग्रेस की ओर से “शट-अप” कहा गया. दोपहर के बाद सरकार के संसदीय कार्यमंत्री की मांग पर जांच कमेटी गठित की गई.

यह कमेटी संसद में लगे कैमरे के जरिए फुटेज की जांच करेगी कि सदन में क्या हुआ? आगे क्या किया जा सकता है इस पर कमेटी फैसला लेगी. सदन में गौरव गोगोई की सदस्यता रद्द करने की मांग संसदीय कार्यमंत्री ने की.

बहस को लेकर अड़ी कांग्रेस 

संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने और कार्यवाही सामान्य रूप से चलने की कोशिश में विफल रही केंद्र सरकार ने साफ किया है कि वो संसद सामान्य ढंग से चलाने की हरसंभव प्रयास कर रही है. सरकार की तरफ से बताया गया कि सोमवार से संसद की कार्यवाही शुरू होते ही दिल्ली के हिंसा पर बहस को लेकर कांग्रेस अड़ गई.

उस दिन सुबह हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित हुई. उसके बाद स्पीकर ने सर्वदलीय बैठक बुलाई. इस बैठक में सुबह ही सरकार की तरफ से संसदीय कार्यमंत्री ने ये आश्वासन दिया कि होली के बाद अगले ही दिन यानी 11 मार्च को वो दिल्ली के हिंसा पर चर्चा को तैयार हैं.

बहस करने को तैयार सरकार

इस बीच सरकार की तरफ से राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नवी आजाद के पास संसदीय कार्यमंत्री गए जहां दोनों के बीच करीब 1 घंटे बातचीत हुई. वहां भी उन्होंने कहा कि सरकार दिल्ली पर डिस्कशन को तैयार है लेकिन होली के बाद. गुलाम नवी आजाद ने कहा कि चर्चा पहले राज्यसभा में हो इस पर प्रहलाद जोशी ने कहा कि आप जहां बहस शुरू करना चाहें हम तैयार हैं.

प्रहलाद जोशी ने कहा आप तय कर लीजिए कि राज्यसभा या लोकसभा, सरकार तैयार है. लेकिन उसके बावजूद संसद में हंगामे का दौर खत्म नहीं हुआ और दोनों सदनों की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित हो गई.

विपक्षी दलों की बैठक

अगले दिन मंगलबार को फिर सरकार की तरफ से विपक्षी दलों से बैठक की गई. अपनी बातों पर अड़ी हुई कांग्रेस का रुख देखकर सरकार ने कांग्रेस से यहां तक कहा की दिल्ली हिंसा को शून्यकाल में डिस्कस कर लें लेकिन विवादित बहस तो होली के बाद ही होगी.

इस बात पर राज्यसभा में कांग्रेस नेता गुलाम नवी आजाद ने हामी भर दी लेकिन बाद में वो पलट गए. उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली पर चर्चा कीजिए. इसी दिन सरकार की तरफ से लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी से भी संपर्क किया गया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला.

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