ICJ में कुलभूषण जाधव की फांसी पर लगी रोक, दोस्तों ने बांटी मिठाई

कोर्ट ने पाकिस्तान को फैसले पर पुनर्विचार का आदेश दिया है. साथ ही जाधव की फांसी के फरमान पर भी ICJ ने रोक लगा दी है.

हेग: अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ऑफ जस्टिस ने कुलभूषण जाधव के मामले में फैसला भारत के हक में सुनाया है. 16 जजों के पैनल में से 15 जजों ने भारत के पक्ष में फैसला सुनाया है. कोर्ट ने पाकिस्तान को फैसले पर पुनर्विचार का भी आदेश दिया है. साथ ही जाधव की फांसी के फरमान पर भी लगी रोक जारी रखी है.

पाकिस्तान भी कुलभूषण जाधव पर दिए आईसीजे के फैसले को स्वीकार कर रहा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने पहले ही यह बात साफ कर दी थी. जाधव को काउंसलर एक्सेस भी मिलेगा.

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#रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस फैसले पर कहा कि अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने पाकिस्तान को कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस देने का निर्देश दिया है. यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है.

# जावेद अख्तर ने भी ट्वीट कर हरीश साल्वे को दी बधाई.

# ICJ में कुलभूषण जाधव और भारत के पक्ष में फैसला आने के बाद उनके दोस्तों ने मिठाई बांटी हैं.

# भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आईसीजे के इस फैसले का स्वागत किया है और साथ ही इसे भारत की जीत बताया है.

# कोर्ट ने पाकिस्तान को फैसले पर पुनर्विचार का भी आदेश दिया है. साथ ही जाधव की फांसी के फरमान पर भी ICJ ने रोक लगा दी है.

#अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ऑफ जस्टिस ने कुलभूषण जाधव के मामले में फैसला भारत के हक में सुनाया है. 16 जजों के पैनल में से 15 जजों ने भारत के पक्ष में फैसला सुनाया है.

# मुंबई में कुलभुषण के दोस्त उनकी रिहाई के लिए ‘इंडिया विद कुलभुषण’ टी शर्ट पहनकर पूजा प्रार्थना कर रहे हैं.

# पाकिस्तान की तरफ से विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ मनमोहन फ़ैसल और अटार्नी जनरल समेत पूरी टीम नीदरलैंड के हेग पहुंच चुकी है.

पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत जासूसी के आरोप में जाधव को फांसी की सजा सुना चुकी है, जिसे भारत ने बेबुनियाद बताया है. भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी जाधव का पाकिस्तानी एजेंसियों ने तीन मार्च 2016 को ईरान से अपहरण कर लिया था जहां वह अपने व्यापार के सिलसिले में गए थे.

पाकिस्तान ने हालांकि दावा किया कि जाधव को बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार किया गया और जाधव को ‘जासूस’ बता दिया. पाकिस्तान ने भारत को इसकी सूचना जाधव को उठाने के 22 दिनों के बाद 25 मार्च 2016 को एक संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से दी थी.

भारत ने अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक नियमों का पालन करते हुए उसी दिन जाधव से राजनयिक संपर्क की मांग की लेकिन उसकी अनुमति नहीं दी गई.

जाधव को जासूस कहने के पाकिस्तान के आरोप को बेबुनियद बताते हुए भारत ने वैश्विक अदालत में कहा कि जाधव की गिरफ्तारी के बहुत समय बाद तक इसकी सूचना नहीं दी गई और पाकिस्तान ने आरोपी को भी उसके अधिकार नहीं बताए.

भारत ने आईसीजे को बाद में बताया कि पाकिस्तान ने वियना समझौते का उल्लंघन करते हुए भारत के बार-बार आग्रह करने के बावजूद जाधव को राजनयिक संपर्क उपलब्ध कराने की अनुमति नहीं दी.

भारत ने आईसीजे से कहा कि उसके जाधव को मौत की सजा दिए जाने की सूचना एक प्रेस विज्ञप्ति से मिली.

आईसीजे में अपनी याचिका में भारत ने जाधव को दी गई मौत की सजा को तत्काल रद्द करने और उसे रिहा करने की मांग की. भारत ने जोर देकर कहा कि यह अंतर्राष्ट्रीय कानून और वियना समझौते के नियमों का बेशर्मी से किया गया उल्लंघन है, जिसके तहत कैदी को विशिष्ट सिविल और राजनीतिक अधिकार दिए जाने का प्रावधान है.

भारत ने आईसीजे से पाकिस्तान सरकार को सैन्य अदालत का आदेश रद्द करने का निर्देश देने की मांग करने और ऐसा न किए जाने पर अंतर्राष्ट्रीय कानून और समझौते के अधिकारों का उल्लंघन करने के कारण आईसीजे द्वारा उस आदेश को गैर कानूनी घोषित करने की मांग की.