पढ़िए क्या है INX मीडिया केस? जिस वजह से सलाखों के पीछे हैं पी चिदंबरम

हाई कोर्ट ने चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की गिरफ्तारी से किसी भी तरह का संरक्षण देने से मना कर दिया.


नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तारी से राहत देने से इनकार कर दिया.

आईएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआई ने 15 मई 2017 में प्राथमिकी दर्ज की थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि 2007 में जब चिदंबरम वित्त मंत्री थे तब 305 करोड़ रुपये की विदेशी धनराशि प्राप्त करने के लिए मीडिया समूह को दी गई विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) मंजूरी में अनियमितताएं बरती गईं.

प्रवर्तन निदेशालय ने इस संबंध में 2018 में धनशोधन का एक मामला दर्ज किया.

प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि पी चिदंबरम के बेटे ने कथित घोटाले की रकम से स्‍पेन में एक टेनिस क्‍लब, ब्रिटेन में कॉटेज और भारत में 54 करोड़ रुपये से ज्यादा की प्रापर्टी खरीदी है.

ईडी के अटैचमेंट ऑर्डर के मुताबिक कार्ति चिदंबरम ने ये संपत्तियां रिश्‍वत के पैसे से खरीदी. साथ ही ईडी को शक है कि चिदंबरम का 16 करोड़ रुपये की क़ीमत का दिल्‍ली के ज़ोर बाग में एक बंगला भी है, जिसे अक्टूबर 2018 में एयरसेल मैक्सिस डील केस में जोड़ा जा चुका है. ED ने पिछले महीने इस बंगले को खाली करने के लिए नोटिस भी भेजा था. हालांकि कार्ति ने ईडी के इस आदेश को कोर्ट में चुनौती दी है.

ED के मुताबिक कार्ति के बेटे के नाम से बार्सिलोना टेनिस क्‍लब है जिसकी कीमत लगभग 15 करोड़ रुपये है. ईडी ने कार्ति के 9.23 करोड़ और 90 लाख के दो फिक्स डिपोजिट भी अटैच किए हैं.

चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम के खिलाफ सीबीआई सारदा चिटफंड घोटाले में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है. उन पर 1.4 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत लेने का आरोप है.

इस साल फरवरी में कलकत्ता हाई कोर्ट ने उन्हें मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी.

प्रवर्तन निदेशालय ने चिदंबरम से एयर इंडिया से जुड़े एक खरीद मामले की जांच में सहयोग करने को कहा था. इस मामले में चिदंबरम के पूर्व मंत्रिमंडलीय सहयोगी प्रफुल पटेल से भी जांच एजेंसी ने पूछताछ की थी.

इसके अलावा मद्रास हाई कोर्ट ने चिदंबरम, नलिनी, कार्ति, कार्ति की पत्नी श्रीनिधि कार्ति चिदंबरम पर काला धन (अज्ञात विदेशी आय एवं परिसंपत्ति) तथा कर अधिनियम, 2015 के अधिरोपण के तहत मुकदमा चलाने के लिए पिछले साल नवंबर में आयकर विभाग द्वारा जारी मंजूरी संबंधी आदेश रद्द कर दिए थे.

हाई कोर्ट के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई. फिलहाल यह मामला लंबित है.

सीबीआई ने इन आरोपों की भी प्राथमिक जांच शुरू की है कि तमिलनाडु में एक होटल पूर्व वित्त मंत्री के एक संबंधी ने इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से हड़प लिया है.

इसके अलावा चिदंबरम के खिलाफ इशरत जहां मामले से जुड़े एक हलफनामे में कथित छेड़छाड़ करने से संबंधित शिकायत दिल्ली पुलिस में लंबित है. आरोप है कि जब हलफनामे में छेड़छाड़ की गई थी तब चिदंबरम गृह मंत्री थे.

जानिए INX मीडिया केस की जांच में कब क्या हुआ?

  • 15 मई 2017 को सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की और आरोप लगाया कि वित्त मंत्री के रूप में चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान सन 2007 में 305 करोड़ रुपये की विदेशी धनराशि प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया समूह को दी गई विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) मंजूरी में अनियमितताएं की गईं.
  • 2018 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन का मामला दर्ज किया.
  • 23 फरवरी 2018 को आईएनएक्स मीडिया केस में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली और एक मार्च को प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश होने का आदेश जारी किया गया. जिके बाद कार्ति ने ईडी के समन को रद्द करने की मांग वाली याचिका दाखिल की .
  • 28 फरवरी 2018 को चिदंबरम सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. उनकी याचिका कोर्ट में दायर होने से पहले जांच एजेंसियों ने कार्ति चिंदबरम को चेन्नई एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया. चिदंबरम ने कहा कि वित्त मंत्री रहते हुए 2007 में उन्होंने खुद आइएनएक्स मीडिया को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुमति दी थी. इसमें उनके बेटे या परिवार के किसी व्यक्ति की कोई भूमिका नहीं थी.
  • 9 मार्च 2018 को इसी मामले में कार्ति चिदंबरम को दिल्ली की पाटियाला हाउस कोर्ट ने तीन दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा. वहीं दिल्ली हाईकोर्ट से कार्ति को राहत मिली. कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तार किए जाने से 20 मार्च तक के लिए अंतरिम सुरक्षा प्रदान की.
  • 12 मार्च 2018 को दिल्ली की एक अदालत ने कार्ति चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज कर दी. अदालत ने कार्ति को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. सामान्य कैदी की तरह ही तिहाड़ जेल में रखने का आदेश जारी किया.
  • 23 मार्च 2018 को दिल्‍ली हाइकोर्ट ने 10 लाख के निजी मुचलके पर कार्ति चिदंबरम को जमानत दे दी. इसके साथ ही कोर्ट ने कार्ति को देश से बाहर नहीं जाने के निर्देश भी दिए. जिसके बाद ईडी ने कार्ति और उनकी कंपनी की 1.16 करोड़ की संपत्ति जब्त की.
  • 31 मार्च 2018 को अदालत ने पीटर मुखर्जी को 13 अप्रैल तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा. जांच एजेंसियों ने कोर्ट में याचिका दायर करके कहा था कि वह पीटर मुखर्जी को कार्ति चिदंबरम के सामने बैठाकर पूछताछ करना चाहती है.
  • 31 मई 2018 को दिल्ली हाईकोर्ट ने पी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर 3 जुलाई तक के लिए अंतरिम रोक लगा दी.
  • 6 जून 2018 को सीबीआई ने चिदंबरम से चार घंटे तक पूछताछ की.
  • 25 जुलाई 2018 को दिल्ली हाई कोर्ट ने एक बार फिर से पी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक लगाई. जो आगे भी बढ़ाई जाती रही.
  • 3 अगस्त 2018 को कार्ति चिदंबरम की अंतरिम जमानत के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. कार्ति को सुप्रीम कोर्ट ने व्यवसाय के उद्देश्य से 23 जुलाई से 31 जुलाई के बीच अमेरिका, फ्रांस और लंदन जाने की इजाजत दी.
  • 25 अक्टूबर 2018 को जांच एजेंसी ने आईएनएक्स मामले में आरोप पत्र दाखिल किया.
  • नवंबर 2018 को दिल्ली हाई कोर्ट ने एक बार फिर से 15 जनवरी तक चिदंबरम को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी.
  • 19 दिसंबर 2018 को ईडी के समन पर पी चिदंबरम प्रवर्तन निदेशालय पहुंचे. उन्हें 305 करोड़ रूपए के INX मीडिया मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था.
  • फरवरी 2019 को ईडी ने पी चिदंबरम से पांच घंटे तक पूछताछ की.
  • 19 अगस्त 2019 को दिल्ली हाईकोर्ट ने पी चिदंबरम को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया.
  • 20 अगस्त उच्च न्यायालय ने चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की गिरफ्तारी से किसी भी तरह का संरक्षण देने से मना कर दिया था.
  • 21 अगस्त 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम की वह अपील तत्काल सूचीबद्ध करने पर विचार के लिए प्रधान न्यायाधीश के समक्ष रखी जाएगी जिसमें उन्होंने आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तारी से पूर्व जमानत के लिए दी गई अपनी याचिका खारिज करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी है. न्यायमूर्ति एन वी रमण ने चिदंबरम की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से कहा कि मामला प्रधान न्यायाधीश के समक्ष रखा जाएगा.

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