INX Media Case: 24 अक्टूबर तक ED की हिरासत में रहेंगे पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम

हमारे पास काफी सबूत हैं, पहले हम कोर्ट को CBI जांच के दौरान जो मेटेरियल हाथ लगा है वो दिखाएंगे. फिर ED के पास जो मेटेरियल है उसे कोर्ट को दिखाएंगे: तुषार मेहता

INX मीडिया मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने पी चिदंबरम को 24 अक्टूबर तक के लिए ED हिरासत में भेजा है. चिदंबरम को 7 दिनों के लिए अलग सेल में रखा जाएगा.

कोर्ट के इस फैसले पर कार्ति चिदंबरम ने कहा कि, ‘कानून के प्राविधानों का मिसयूज किया जा रहा है, CBI हिरासत को जैसे ही 60 दिन होने को आए, ED हिरासत मांगने आ गई. इनका मकसद ठीक से जांच करना नहीं बल्कि किसी भी सूरत में मेरे पिता को बाहर नहीं आने देना है. मैं और मेरे पिता दोनों सांसद हैं, लेकिन सरकार एजेंसियों और पॉवर का ग़लत इस्तेमाल किया जा रहा है.’

ED मामले पर सुनवाई शुरू हो चुकी है. ED की तरफ से पेश तुषार मेहता- सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट से कहा 5 सितंबर को आरोपी चिदंबरम ED कस्टडी में आने को तैयार थे. सुप्रीम कोर्ट ने भी माना था कि मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है. हमारे पास काफी सबूत हैं. पहले हम कोर्ट को CBI जांच के दौरान जो मेटेरियल हाथ लगा है वो दिखाएंगे. फिर ED के पास जो मेटेरियल है उसे कोर्ट को दिखाएंगे और हमे इसी मेटीरियल की सच्चाई तक जाने के लिए कस्टोडियल इंट्रोगेशन चाहिए.

‘5 सितंबर को हमें आरोपी चिदम्बरम की कस्टडी नही चाहिए थी क्योंकि उस समय ED इसी मामले में अन्य लोगों की जांच कर रही थी. ED चाहती थी 15 दिन का समय जो कोर्ट कस्टडी के लिए दे. उसका भरपूर इस्तेमाल कर पाए. इस मामले में बाकी लोगों से पूछताछ कर चुके हैं.’

कपिल सिब्बल, चिदम्बरम के वकील- सुप्रीम कोर्ट में ED ने कहा था कि उनको आरोपी को कस्टडी में लेकर पूछताछ करनी है लेकिन जब ED को आरोपी ने आत्मसमर्पण किया. उस दिन तो इसी कोर्ट में आत्मसमर्पण कर रहा था. 5 सितंबर के बाद ऐसा क्या हुआ की उनको रिमांड चाहिए. 5 सितंबर तक ये हमारी कस्टडी लेने से बच रहे है. पहले CBI ने कस्टडी लिए गिरफतार किया. फिर न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

‘ये एक बड़ी साजिश है. सिर्फ परेशान किया जा रहा है. ये जो मटेरिअल दिखा रहे हैं वो पुराना है. अटैचमेंट का प्रोसेस है. 2018 का मामला है. उस समय से लेकर अभी तक ED ने केवल 3 बार पूछताछ के लिए बुलाया. चलिए भूल जाइए अगर इसी डॉक्यूमेंट पर पूछताछ करना था तो 5 सितंबर को किया नही कस्टडी लिया. 12 लोगों के स्टेटेमेन्ट की बात कर रहे है. ये तो उस समय भी था. मैं कस्टडी का विरोध करता हूं.

पी चिदंबरम की तरफ से राउज एवेन्यू कोर्ट में घर का बना खाना, एयर कंडीशन, सेपरेट सेल वेस्टर्न टॉयलेट और परिवार से मिलने के लिए जो समय है उसे बढ़ाने की मांग करते हुए कोर्ट में अर्जी दायर की.

तुषार मेहता ने पी चिदंबरम की तरफ से की गई मांगों पर कोई आपत्ति जाहिर नहीं की है लेकिन उन्होंने एयर कंडीशन वाली मांग पर कहा कि ये जेल के नियमों के खिलाफ है.