INX मीडिया केस: सुप्रीम कोर्ट से मिली बेल, फिर भी जेल में रहेंगे पी चिदंबरम

ईडी के द्वारा दर्ज केस में आईएनएक्स मीडिया पीवीटी लिमिटेड ने 4.62 करोड़ रुपये की स्वीकृत FDI राशि के मुकाबले लगभग 403.07 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश प्राप्त किए थे.

INX मीडिया केस में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है. हालांकि चिदंबरम को इस ज़मानत के लिए एक लाख का निजी मुचलका भरना होगा और वो देश छोड़कर भी नहीं जा सकते.

ये जमानत उन्हें सीबीआई केस में मिली है. चिदंबरम फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत में हैं. इसलिए मंगलवार के फैसले से उनकी रिहाई अब भी नहीं हो पाएगी.

इससे पहले 18 अक्टूबर को INX मीडिया केस में CBI ने पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम, उनके बेटे कार्ति चिदंबरमऔर उनकी दो कंपनियों समेत कुल 15 लोगों के खिलाफ शुक्रवार को चार्जशीट दायर की थी.

सीबीआई (CBI) ने जमानत न देने की सिफारिश की थी

सीबीआई (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी कहा था कि इस मामले में भ्रष्टाचार की जांच जारी है. लिहाजा पी. चिदंबरम को अभी जमानत न दी जाए. CBI ने जो जमानत याचिका दायर की थी उसमें दावा किया था कि इंद्राणी मुखर्जी (Indrani Mukerjea) ने पी चिदंबरम को रिश्वत के तौर पर 35.5 करोड़ रुपये से ज्यादा दिए. ये पैसे सिंगापुर, मॉरीशस, बरमूदा, इंग्लैंड और स्विटजरलैंड में दिए गए. ये आरोप पत्र विशेष न्यायाधीश लाल सिंह के समक्ष दायर किया गया.

क्या है पूरा मामला…
याद रहे कि 15 मई, 2017 को ईडी (ED) ने ये मामला दर्ज किया था. ईडी के द्वारा दर्ज केस में आईएनएक्स मीडिया पीवीटी लिमिटेड ने 4.62 करोड़ रुपये की स्वीकृत FDI राशि के मुकाबले लगभग 403.07 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश प्राप्त किए थे.

जांच के दौरान पाया गया कि INX Media Pvt Ltd के निदेशक इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी, पी चिदंबरम, तत्कालीन वित्त मंत्री और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम सहित कई अधिकारी इसमें शामिल थे.

अगस्त में हुए थे गिरफ्तार…
UPA सरकार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री रहे चिदंबरम को 21 अगस्त को जोर बाग स्थित उनके निवास से CBI ने गिरफ्तार कर लिया था. CBI ने 15 मई 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज कर INX Media Group को 2007 में 305 करोड़ रुपये की विदेशी निधि प्राप्त करने के लिए दी गई विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (Foreign Investment Promotion Board) की मंजूरी में अनियमितता का आरोप लगाया था. उस वक्त चिदंबरम वित्त मंत्री थे.